
एक जमाने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खासमखास रहे सुनील सिंह ने हिंदू युवा वाहिनी (भारत) नाम का अलग संगठन बनाकर खुद को उसका अध्यक्ष घोषित कर दिया है। 13 मई को अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में बैठक करने के बाद सुनील सिंह ने यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही देश के दूसरे राज्यों में भी अपना विस्तार करेंगे। सुनील सिंह के अलावा योगी आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी के कई कार्यकर्ता इस बैठक में शामिल थे। सुनील सिंह के इस कदम को योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खुली बगावत के रूप में देखा जा रहा है।
सुनील सिंह ने कहा कि हिंदू युवा वाहिनी अपने असली मुद्दों जैसे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, बूचड़खानों के खिलाफ अभियान, धारा 370 की खत्म करने और सामान नागरिक कानून को लागू करने के एजेंडे पर तेजी से काम करेगी।
उधर हिंदू युवा वाहिनी के नेता पीके मल्ल ने योगी आदित्यनाथ वाले संगठन को ही असली हिंदू युवा वाहिनी बतलाया है। उन्होंने कहा कि हिंदू युवा वाहिनी के नाम पर बना हिंदू युवा वाहिनी (भारत) से उनके संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सुनील सिंह और योगी आदित्यनाथ के बीच की टकराव की कहानी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय शुरू हो गई थी। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के मना करने के बाद भी युवा वाहिनी के उम्मीदवार घोषित कर दिये थे जिसके बाद योगी आदित्यनाथ के कहने पर उन्हें संगठन से निकाल दिया गया था।
2002 में योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया था।
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Published: 14 May 2018, 6:12 PM IST