
आरएलएसपी नेता उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। साथ ही सीएम नीतीश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “पहले सत्ताधारी पार्टी ने उनको राजनीति से बाहर करने की कोशिश की। लेकिन इसमें जम सफल नहीं हुए तो उन्होंने मेरी हत्या की साजिश रची गई। दो फरवरी को जब वह शांतिपूर्ण तरीके से आक्रोश मार्च कर रहे थे तो पुलिस के साथ सादे वेश में लोगों ने उनके और उनके कार्यकर्ताओं के उपर लाठियां बरसाईं। मैं पूछना चाहता हूं कि हमसे क्या द्वेष है?”
उन्होंने आगे कहा, “सरकारी तंत्र हिंसा पर उतारू है। भीड़ में सत्ता पक्ष के गुंडे भी शामिल थे।” उन्होंने हाईकोर्ट के सीटिंग जज से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
बता दें कि 2 फरवरी को आरएलएसपी ने शिक्षा सुधार की मांग को लेकर पटना के जेपी मूर्ति के समीप से राजभवन तक आक्रोश मार्च निकाला था। लेकिन पुलिस ने बीच में मार्च को रोकने की कोशिश की। जिसके बाद आरएलएसपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस का विरोध किया। आरएलएसपी के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था।जिसमें उपेंद्र कुशवाहा समेत कई आरएलएसपी कार्यकर्ता घायल हो गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इसे भी पढ़ें: पटना: आरएलएसपी के जन आक्रोश मार्च पर बिहार पुलिस का लाठीचार्ज, घायल कुशावाहा बोले- नीतीश सरकार शिक्षा विरोधी
इसी मामले में उपेन्द्र कुशवाहा समेत 250 कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाते हुए पटना के कोतवाली थाने में सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसको लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए जान बूझकर केस किया गया है। मुकदमे को वापस लेने को लेकर कुशवाहा ने नीतीश सरकार को 8 फरवरी तर अल्टीमेटम दिया है।
बता दें कि हाल ही में एनडीए छोड़कर उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में शामिल हुए हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने मोदी सरकार पर बिहार के साथ धोखा करने का आरोप लगाया था।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
Published: 06 Feb 2019, 7:52 PM IST