
उत्तराखंड की बीजेपी सरकार तीर्थ पुरोहितों के आगे झुक गई है। भारी विरोध के बाद आखिरकार सीएम धामी को चारधाम देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का फैसला लेना पड़ा। आपको बता दें, काफी लंबे समय से पुजारी इसे भंग करने की मांग कर रहे थे।
आलम ये था कि विरोध कर रहे पुजारियों ने पीएम के दौरे के दौरान मोदी को भी काले झंडे दिखाने की कोशिश की थी। जिसके बाद सरकार हरकत में आई और ये फैसला लेना पड़ा। आपको बता दें, इस फैसले को चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड में भी आगले साल चुनाव होने हैं ऐसे में सरकार हर कदम फूंक फूंक कर रख रही है।
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