
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ऋषिकेश और भानियावाला के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन हजार वृक्षों के काटे जाने पर रोक लगा दी।
देहरादून की रेनू पाल नामक महिला ने यह जनहित याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने अदालत के सामने दलील दी कि सड़क का चौड़ीकरण हाथियों के गलियारों में बाधा डालेगा। पूर्व में न्यायालय ने इसी प्रकार के एक मामले में शिवालिक एलीफेंट रिजर्व को भी संरक्षण प्रदान किया था।
सरकार ने अदालत को बताया कि एक प्रक्रिया अपना कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हाथियों की आवाजाही में बाधा न आए।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने सरकार से कहा कि वह इस संबंध में अदालत के समक्ष सभी आवश्यक अनुमतियां प्रस्तुत करे।
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