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उत्तराखंड: किरायेदार, घरेलू सहायक, केयर-टेकर और ड्राइवरों का होगा सत्यापन, बिना जांच रखने पर सख्त कार्रवाई

पुलिस अभियान के दौरान उन लोगों की भी पहचान करेगी जो अकेले रहते हैं या वरिष्ठ नागरिक हैं। ऐसे लोगों की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। उनके यहां कार्यरत घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों का भी सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

फोटो: @uttarakhandcops
फोटो: @uttarakhandcops 

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बड़ा आदेश जारी किया है। राज्यभर में संदिग्ध लोगों और अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान के लिए सघन सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह अभियान हर जिले के थाना और चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा और इसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।

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निर्देश में क्या कहा गया है?

पुलिस मुख्यालय से रविवार को जारी आदेश के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पूरे प्रदेश में व्यापक चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, चेकिंग अभियान का मकसद महिलाओं, बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि यह अभियान आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चलाया जा रहा है। हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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थाने से लेकर आईजी स्तर तक होगी निगरानी

अभियान की खास बात यह है कि इसकी समीक्षा पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर से लेकर महानिरीक्षक (आईजी) स्तर तक की जाएगी। यानी निगरानी की पूरी जिम्मेदारी तय की गई है। प्रत्येक जिले में थाना और चौकी स्तर पर टीमों का गठन कर सत्यापन की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।

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अपार्टमेंट, होटल, पीजी और किराएदारों की होगी जांच

राज्यव्यापी इस अभियान के तहत बड़े अपार्टमेंट, आश्रम, धर्मशाला, किराए के मकान, फ्लैट, पीजी और होटलों में रह रहे लोगों का सत्यापन किया जाएगा।

साथ ही प्रॉपर्टी डीलरों और ब्रोकरों के माध्यम से रखे गए किरायेदारों की भी जांच होगी। अगर कोई व्यक्ति बिना सत्यापन के किरायेदार रखता है या संदिग्ध व्यक्तियों को शरण देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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डिलीवरी एजेंट, कैब चालक और सुरक्षा कर्मियों पर भी नजर

अभियान सिर्फ किरायेदारों तक सीमित नहीं रहेगा। ‘होम डिलीवरी’ सेवाओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, जोमेटो और ब्लिंकिट से जुड़े डिलीवरी एजेंटों का भी सत्यापन किया जाएगा।

इसके अलावा सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालक और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेकेदारों की भी जांच होगी। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि इन सेवाओं से जुड़े सभी लोग वैध दस्तावेजों के साथ कार्य कर रहे हों।

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इस अभियान का फोकस क्या है?

पुलिस अभियान के दौरान उन लोगों की भी पहचान करेगी जो अकेले रहते हैं या वरिष्ठ नागरिक हैं। ऐसे लोगों की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। उनके यहां कार्यरत घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों का भी सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

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अवैध विदेशी नागरिकों पर सख्त कार्रवाई

निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों और वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद ठहरे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक और विभिन्न डेटाबेस का उपयोग किया जाएगा। नैटग्रिड, CCTNS और आईसीजेएस जैसे केंद्रीय और राज्य सुरक्षा पोर्टलों के माध्यम से सूचनाओं का मिलान कर सटीक विश्लेषण किया जाएगा।

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