
वाराणसी फ्लाओवर हादसे का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद लोगों और अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। उनके साथ कांग्रेस सांसद संजय सिंह, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू और वाराणसी के पूर्व विधायक अजय राय भी मौजूद थे। इससे पहले वाराणसी पहुंचे राज बब्बर ने कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ अस्पताल जाकर हादसे में घायल हुए लोगों का हालचाल लिया। उन्होंने घायलों को हर संभव मदद की बात कही।
वाराणसी में हुए फ्लाईओवर हादसे की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। जांच दल ने फ्लाईओवर के ऊपर जाकर पुल के उस हिस्से की भी जांच की जो हादसे का शिकार होकर गिर गया था।
उत्तर प्रदेश पुल निर्माण विभाग के प्रबंध निदेशक आर मित्तल ने वाराणसी में हुए फ्लाईओवर हादसे के लिए आंधी-तूफान को जिम्मेदार ठहरा दिया है। हादसे के कारणों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि इलाके में हाल में आए आंधी-तूफान की वजह से पुल के बीम के नीचे लगे बेयरिंग का लॉक टूट गया था, जिससे ये हादसा पेश आया। मित्तल ने कहा कि निर्माण स्थल के आसपास ट्रैफिक का रास्ता बदला जाना चाहिए था।
वाराणसी पुल हादसे में मारे गए लोगों के शवों के पोस्टमार्टम के लिए रिश्वत लेने वाले अस्पतालकर्मी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की है। वाराणसी के एसएसपी आर के भारद्वाज ने बताया कि मीडिया के जरिये पुलिस को जानकारी मिलने के बाद इस घटना में अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए फ्लाईओवर हादसे के शिकार लोगों का हालचाल जानने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर वाराणसी के कबीर चौड़ा अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
वाराणसी फ्लाईओवर हादसा मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुल का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। प्रशासन की ओर से पुल का निर्माण करने वाली कंपनी सेतू निगम कंस्ट्रक्शन के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि कंपनी के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुकी है एएफआईआर। पहले भी पुल निर्माण में कंपनी की लापरवाही उजागर हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में निर्माणाधीन पुल हादसे के बाद योगी राज में सरकारी तंत्र का शर्मनाक चेहरा उजागर हुआ है। मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के अनुसार हादसे में मारे गए लोगों के शवों के पोस्टमार्ट के लिए मृतकों के परिजनों से रिश्वत की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के लिए अस्पताल से जुड़े लोग खुलेआम मृतकों के परिजनों से रिश्वत मांगते देखे गए हैं।
वाराणसी के कैंट में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने के मामले में यूपी सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं इस मामले में अब तक 4 अधिकारी सस्पेंड किए जा चुके हैं।
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Published: 16 May 2018, 11:02 AM IST