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नॉनवेज के बिना भी मिलेगा भरपूर प्रोटीन, जानिए शाकाहारियों के लिए सबसे ताकतवर फूड्स

नॉनवेज के बिना भी आप पनीर, दही, सोयाबीन और दाल-चावल जैसे शाकाहारी फूड्स से भरपूर प्रोटीन पाकर कमजोरी दूर कर सकते हैं।

फोटो: AI Generated
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आजकल लोग सेहत को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। फिर भी एक सवाल अक्सर उठता है, क्या प्रोटीन के लिए नॉनवेज जरूरी है? दरअसल, यह पूरी तरह सही धारणा नहीं है। शाकाहारी भोजन में भी ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं, जो शरीर को जरूरी प्रोटीन देने के साथ-साथ ताकत और संतुलन बनाए रखते हैं।

सही संयोजन और संतुलित आहार अपनाकर शाकाहारी लोग भी अपनी दैनिक प्रोटीन जरूरत आसानी से पूरी कर सकते हैं।

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आयुर्वेद की नजर में क्यों खास है दूध और पनीर?

आयुर्वेद कहता है कि वही भोजन श्रेष्ठ है, जो आसानी से पच जाए और शरीर की जीवन शक्ति बढ़ाए। इसी कारण दूध और उससे बने पदार्थों को विशेष स्थान दिया गया है।

पनीर इसका प्रमुख उदाहरण है। यह मांसपेशियों को मजबूती देता है और शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और अमीनो एसिड मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में सहायक माने जाते हैं। इसलिए फिटनेस पसंद करने वाले लोग भी इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं।

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दही और दूध: पाचन और प्रोटीन का संतुलन

दूध और दही भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। खासकर दही पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और आंतों को स्वस्थ रखता है। जब पाचन सही रहता है, तब शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है। इसका सीधा फायदा प्रोटीन उपयोग में दिखता है।

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सोयाबीन: शाकाहारियों का पावरहाउस

सोयाबीन को अक्सर प्रोटीन का पावरहाउस कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे बल्य यानी ताकत बढ़ाने वाला माना गया है। इसमें लगभग सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर को संपूर्ण पोषण देते हैं।

इसी वजह से टोफू और सोया चंक्स आजकल फिटनेस डाइट का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इन्हें दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है और ये कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में मदद करते हैं।

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दाल-चावल: परंपरा में छिपा वैज्ञानिक संतुलन

भारतीय रसोई में दालें सदियों से भोजन का अहम हिस्सा रही हैं। आयुर्वेद में दालों को सात्त्विक आहार माना गया है, जो ऊर्जा देने के साथ मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है।

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो जब दाल और चावल साथ खाए जाते हैं, तो यह संयोजन संपूर्ण प्रोटीन का रूप ले लेता है। यही कारण है कि दाल-चावल को संतुलित और ताकतवर भोजन कहा जाता है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए उपयुक्त माना जाता है।  

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