
लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य मंगलवार को अपने वोट के माध्यम से यह फैसला करेंगे कि सी. पी. राधाकृष्णन और बी. सुदर्शन रेड्डी में से देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा। राधाकृष्णन, सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार हैं, जिनका सीधा मुकाबला विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी से है। उपराष्ट्रपति चुनाव के मतदान से एक दिन पहले दोनों ही खेमों में अंतिम रणनीति को आकार देने के लिए हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले सोमवार को ‘संविधान सदन’ के केंद्रीय कक्ष में बैठक कर अपनी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार और कई अन्य दलों के सांसद शामिल हुए।
तैयारियों को पुख्ता करने के मकसद से विपक्षी सांसदों को ‘मॉक’ (प्रतीकात्मक) मतदान भी कराया जाएगा। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे विपक्षी सांसदों के लिए संसदीय सौध में रात्रिभोज का आयोजन करने वाले थे, लेकिन इसे अब देश में बाढ़ की स्थिति के चलते रद्द कर दिया गया है।
इस बीच ओडिशा की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने सोमवार को घोषणा की कि उसके सांसद उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता वाली पार्टी ने कहा कि उसने राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस-नीत ‘इंडिया’ गठबंधन दोनों से समान दूरी बनाए रखने की अपनी नीति के तहत यह निर्णय लिया है।
संसद के हालिया मानसून सत्र के दौरान जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उनका कार्यकाल दो साल बचा हुआ था। इनके इस्तीफे के कारण यह चुनाव हो रहा है। उपराष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। इस बार दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु से जबकि सुदर्शन रेड्डी तेलंगाना से हैं।
सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु की एक प्रमुख ओबीसी जाति गौंडर से आते हैं और आरएसएस की पृष्ठभूमि से हैं। वह 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और 1999 में वह फिर से इस सीट से लोकसभा के लिए चुने गए। राधाकृष्णन को 2023 में झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था और फिर जुलाई 2024 में महाराष्ट्र स्थानांतरित कर दिया गया था।
विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं और गोवा के लोकायुक्त रहे हैं। वह हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम् एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं। रेड्डी जुलाई 2011 में शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त हुए थे। वह एक वरिष्ठ न्यायविद हैं। उन्होंने एक फैसले में, नक्सलियों से लड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गठित सलवा जुडूम को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में रेड्डी ने विदेश में बैंक खातों में अवैध रूप से रखे गए बेहिसाब धन को वापस लाने के लिए सभी कदम उठाने के वास्ते एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश भी दिया था।
विभिन्न दलों द्वारा दिए गए समर्थन को आधार बनाकर आंकड़ों के लिहाज से देखें तो एनडीए उम्मीदवार का पलड़ा भारी है, हालांकि विपक्ष के उम्मीदवार रेड्डी बार-बार यह कहकर अपनी दावेदारी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं कि लड़ाई वैचारिक है तथा यह मतदान सिर्फ उप राष्ट्रपति चुनने के लिए नहीं है, बल्कि भारत की भावना के लिए है। रेड्डी ने रविवार को सभी सांसदों से अपील की कि वे पार्टी के प्रति निष्ठा को अपने चयन का आधार न बनने दें और उन्हें इस पद के लिए जिताकर यह सुनिश्चित करें कि राज्यसभा लोकतंत्र के एक सच्चे मंदिर के रूप में स्थापित हो।
उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान मंगलवार 9 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे समाप्त होगा। मंगलवार देर शाम तक नतीजे घोषित होने की उम्मीद है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी ने कहा कि मतदान मंगलवार को संसद भवन के कमरा संख्या एफ-101, वसुधा में होगा।
देश के 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए, निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में पांच सीट रिक्त हैं), 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में एक सीट रिक्त है) शामिल हैं। निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 781) हैं।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए