
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और पुलिस के लिए सिरदर्द बने कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह खुद अपने राजनीतिक पहुंच के बारे में बताता नजर आ रहा है। इन वीडियो में वह अपनी राजनीतिक पहचान और पहुंच का जिक्र करता नजर आ रहा है, जिसमें वह कई बीजेपी नेताओं से गहरे संबंधों का दावा कर रहा है।
Published: undefined
इसके अलावा विकास दुबे का योगी सरकार के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के साथ एक फोटो भी खूब वायरल हो रहा है। इस फोटो में विकास दुबे बीच में है और मंत्री जी एक फैन की तरह किनारे खड़े होकर मुस्कुराते हुए फोटो खींचाते नजर आ रहे हैं। भले इन वीडियो और फोटो की पुष्टि न हो सके, लेकिन इनसे विकास दुबे की राज्य की वर्तमान सत्ताधारी पार्टी में पहुंच का इशारा तो मिलता ही है।
विकास दुबे द्वारा कानपुर में आठ पुलिस वालों की हत्या की जांच कर रहे एसटीएफ द्वारा हासिल किए गए एक अहम वीडियो में विकास दुबे बीजेपी विधायकों अभिजीत सांगा और भगवती सागर के साथ अपने संबंधों के बारे में बात करते हुए दिखाई दे रहा है। उसने कहा कि साल 2017 में पुलिस कार्रवाई का सामना करने पर दोनों नेताओं ने उसकी मदद की थी।
Published: undefined
हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद विधायक अभिजीत सांगा ने गैंगस्टर के साथ किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, "मेरा निर्वाचन क्षेत्र कानपुर के बिठूर में है और आसपास के गांव के लोग मदद के लिए मेरे पास आते हैं। यहां तक की कई बार मैंने उन मामलों में कार्रवाई की सिफारिश की है, जहां विकास दुबे अन्य दलों का समर्थन करता था।”
सांगा ने आगे कहा कि दुबे की यह खासियत थी कि वह खुद को सत्ताधारी दलों से जुड़े राजनेताओं के साथ जोड़ लेता था। वहीं बिल्हौर से बीजेपी विधायक भगवती सागर ने कहा कि उन्होंने विकास दुबे के खिलाफ किसी भी मामले में कोई दलील नहीं दी है। उन्होंने कहा कि यह उनकी छवि को खराब करने का प्रयास था। दोनों विधायकों ने कहा कि दुबे की वीडियो की जांच होनी चाहिए।
Published: undefined
वहीं वायरल हो रहा एक और वीडियो किसी साक्षात्कार का अंश है, लेकिन वीडियो में तारीख का जिक्र नहीं है। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में विकास दावा करता नजर आ रहा है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरि कृष्ण श्रीवास्तव उसके राजनीतिक गुरु थे और वे ही उसे राजनीति में लेकर आए थे। श्रीवास्तव साल 1990-91 में मुलायम सिंह सरकार के दौरान स्पीकर थे।
आगे इस वीडियो में विकास यह भी कहता हुआ नजर आ रहा है कि अपराध और अपराधियों के साथ उसका कोई संबंध नहीं है और उसके खिलाफ जितने मामले दर्ज किए गए हैं, वह उसकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण प्रतिद्वंद्वियों में जलन का परिणाम है।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined