
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब सरकार को वीआईपी सिक्योरिटी वापस लेने के अपने फैसले पर यू-टर्न लेना पड़ा है। बता दें कि 28 मई को राज्य सरकार ने सिद्धू मूसेवाला समेत कई वीआईपी की सुरक्षा हटा दी थी, उसके अगले ही दिन सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो गई थी। इसको लेकर पंजाब सरकार की काफी आलोचना हुई। जिसके बाद अब पंजाब सरकार ने कई वीआईपी की सुरक्षा बहाल करने के आदेश दिए हैं।
पंजाब में वीवीआईपी की सिक्योरिटी वापस लिए जाने को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने ये फैसला लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले पर जवाब भी मांगा था। आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सभी 424 लोगों की सुरक्षा वापस दी जा रही है। इन सभी वीआईपी की सुरक्षा 7 जून से वापस फिर से बहाल कर दी जाएगी।
न्यायमूर्ति राज मोहन सिंह की पीठ के समक्ष फिर से शुरू हुई सुनवाई के दौरान सुरक्षा बहाल करने का सरकार का फैसला सामने आया। पिछली सुनवाई में, अदालत ने सरकार से संबंधित सामग्री को एक सीलबंद लिफाफे में लाने के लिए कहा था, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किस आधार पर उसने सुरक्षा प्राप्त लोगों की सुरक्षा वापस ली या उसमें कटौती की।
अदालत पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ. पी. सोनी द्वारा वकील मधु दयाल के माध्यम से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सोनी ने अपनी सुरक्षा को 'जेड' श्रेणी से हटाने और सुरक्षा कर्मियों की वापसी के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।
सरकार द्वारा उनकी आधी सुरक्षा वापस लेने के बाद, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पिछले हफ्ते नाराजगी जताते हुए कहा था कि उन्होंने अपने कार्यालय से शेष सुरक्षा कर्मियों को भी सरकार को वापस भेजने के लिए कहा है, क्योंकि उन्हें उनकी 'जरूरत नहीं' है।
साथ ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अपने हथियारबंद जवानों को जत्थेदार की सुरक्षा में तैनात कर दिया और इसने सिखों को 'अनिश्चित समय' को देखते हुए लाइसेंसी हथियार रखने को भी कहा था।
गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से वीवीआईपी की सुरक्षा कम करने को लेकर पंजाब की आप सरकार लोगों के निशाने पर है। सरकार की इस फैसल की हर तरफ आलोचना हो रही है।
एक आदेश में, सरकार ने राज्य में 434 वीआईपी की सुरक्षा वापस ले ली थी या कम कर दी थी। इन 424 लोगों में मूसेवाला भी शामिल थे, जिन्हें रविवार को पंजाब के मनसा जिले में अज्ञात हमलावारों ने गोलियों से भून डाला था। इसके साथ ही इनमें बड़े पैमाने पर पूर्व विधायक, विभिन्न 'डेरों' के प्रमुख और पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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Published: 02 Jun 2022, 7:48 PM IST