
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 142 सीटों पर जारी मतदान में दोपहर 3 बजे तक लगभग 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्रीय बल पर आम लोगों पर अत्याचार करने और एक विशेष पार्टी के लिए काम करने का आरोप लगाया।
इसी चरण में भवानीपुर से उम्मीदवार मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मतदान करने के बाद कहा कि निर्वाचन आयोग और केंद्रीय बलों द्वारा किए गए अत्याचार अभूतपूर्व हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल आम लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं, जो लोकतंत्र का दमन करने के समान है। सेंट्रल ऑब्ज़र्वर लोगों को पीट रहे हैं। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा है। कल रात से, उन्होंने अत्याचार शुरू कर दिया है। ममता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान केंद्रीय बल एक विशेष पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। ममता ने दावा किया कि टीएमसी जीत रही है।
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पहले चरण की तरह ही दूसरे चरण में भी मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इससे पहले दोपहर 1 बजे तक पहले छह घंटों में 61.11 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया था। यह आंकड़ा 23 अप्रैल को पहले चरण की 152 सीटों पर पहले छह घंटों में दर्ज 62.18 प्रतिशत मतदान से थोड़ा कम रहा। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ मतदान में तेजी आई और शाम तीन बजे तक वोटिंग प्रतिशत बढ़कर 78.68 फीसदी पहुंच गया।
दोपहर 1 बजे तक पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 66.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद हुगली में 64.57 प्रतिशत, नदिया में 61.41 प्रतिशत, हावड़ा में 60.68 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 60.18 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 59.20 प्रतिशत, दक्षिण 24 परगना में 58.58 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 57.73 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान कई जगहों से हिंसा और गड़बड़ी की खबरें सामने आईं।
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दूसरे चरण के मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना के भांगर और उसके आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल रहा, जहां इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने तृणमूल कांग्रेस पर मतदान एजेंटों को डराने और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के लिए कम से कम सात विधानसभा क्षेत्रों में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अधिकारियों को तैनात किया गया है।
भांगर और कैनिंग पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के कई इलाकों से सुबह से ही अशांति की खबरें आ रही थीं, जिसके चलते संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों, राज्य पुलिस और एनआईए टीम की भारी तैनाती की गई। कैनिंग पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के हेडिया में आईएसएफ ने आरोप लगाया कि उसके एक मतदान एजेंट को तृणमूल समर्थकों से जान से मारने की धमकी मिली है। आईएसएफ उम्मीदवार अरबुल इस्लाम शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचे और प्रशासन पर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
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आईएसएफ के अध्यक्ष और भांगर विधायक नौशाद सिद्दीकी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं और एजेंटों को डराया-धमकाया जा रहा है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि भांगर में समग्र माहौल पिछले चुनावों की तुलना में अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण है। तृणमूल ने इन आरोपों का खंडन किया और आईएसएफ पर मतदान को प्रभावित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया। एक दिन पहले, भांगर-दो ब्लॉक के अंतर्गत कोचपुकुर और जॉयपुर सहित भांगर के कई इलाकों में तृणमूल और आईएसएफ समर्थकों के बीच झड़पें हुई थीं।
वहीं, मतदान के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सायोनी घोष ने राज्य में सीआरपीएफ की भारी तैनाती को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान युद्ध जैसे हालात बना दिए गए हैं। सायोनी घोष ने सीआरपीएफ की तैनाती पर तंज कसते हुए कहा कि अब तो बस नौसेना और वायुसेना की एंट्री बाकी है। चारों तरफ फोर्स ही फोर्स है, मानो बंगाल में युद्ध की स्थिति हो। उन्होंने कहा कि यह सब बीजेपी की बढ़ती बेचैनी को दिखाता है। सायोनी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को समझ आ गया है कि बंगाल की जमीन उसके पैरों तले से खिसक रही है, इसलिए वह चुनाव में इस तरह की रणनीति अपना रही है।
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