
भारत की स्वर कोकिला कही जाने वाली प्लेबैक सिंगर लता मंगेशकर भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज ही उनकी पहचान बन गई। बदलते दौर के साथ भी अपनी मधुर आवाज से दिलों पर राज करने वाली सिंगर लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी को हुआ था। 7 दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने 38 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए और कई अवॉर्ड अपने नाम किए। आज हम उनके करियर के दौरान मिलने वाले पुरस्कारों के बारे में जानेंगे, जिन्होंने राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गायिकी और योगदान को पहचान दिलाई।
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लता मंगेशकर ने हिंदी सिनेमा और क्षेत्रीय सिनेमा में 1950 से 1980 के दशक तक ऐसे गाने गाए जो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुए। ये दशक उनके करियर का स्वर्ण युग थे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई। सबसे पहले 1974 में सिंगर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। उनका नाम सबसे अधिक गानों को रिकॉर्ड करने के लिए शामिल हुआ था। साल 1987 में सिंगर को 'संयुक्त राज्य अमेरिका की मानद नागरिकता' के रूप में सम्मानित किया गया। ये अवॉर्ड लता मंगेशकर को गायन करियर और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए मिला था।
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इसके साथ, साल 1980 में उन्हें 'की ऑफ द सिटी ऑफ जॉर्जटाउन' की चाबी देकर सम्मानित किया गया था। दरअसल सिंगर 1980 में दक्षिण अमेरिका के गुयाना स्थित जॉर्जटाउन में पहुंची थी, जहां हजारों की भीड़ ने सिंगर को घेर लिया था। वहां के लोगों के बीच लता मंगेशकर की दीवानगी देखने को मिली थी, जिसके बाद उन्हें जॉर्जटाउन की चाबी देकर सम्मानित किया गया था।
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म्यूजिक इंडस्ट्री में अद्वितीय संगीत योगदान के लिए साल 1980 में ही सिंगर को 'सूरीनाम गणराज्य की मानद नागरिकता' के पुरस्कार से नवाजा गया। ये पुरस्कार उन्हें दक्षिण अमेरिका में दिया गया था। साल 1985 में स्वर कोकिला लता मंगेशकर के सम्मान में "एशिया दिवस" घोषित किया गया, जिसे आज भी पूरे सम्मान के साथ मनाया जाता है। ये सम्मान टोरंटो आगमन और अंतर्राष्ट्रीय संगीत में उनके योगदान के लिए दिया गया था। साल 2000 में सिंगर को 'आईआईएफए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से लंदन में सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही उन्हें फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया था।
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