
बिहार विधानसभा के लिए पहले दौरा का चुनाव 28 अक्टूबर को संपन्न हो गया। इस दौरान कई जगह ईवीएम में खराबी की खबरें आई। लेकिन एक जगह से कुछ अजीबोगरीब मामला सामने आया जो लोगों के मन में संदेह भर सकता है। दरअसल मुंगेर सदर विधानसभा सीट के एक बूठ पर ईवीएम में राजद उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह लालटेन के आगे बटन ही गायब था। जनसत्ता की खबर के मुताबिक महादेवपुर सामुदायिक केंद्र के बूथ पर बिना बटन वाले ईवीएम के बावजूद तीन घंटे से अधिक समय तक वोटिंग होती रही है। बाद में लोगों ने जब इसकी शिकायत की तो 3 घंटे 13 मिनट बाद ही ईवीएम को बदला जा सका।
मतलब यह है कि पहले 3 घंटे 13 मिनट में जितने भी वोट पड़े उसमें से एक भी वोट आरजेडी उम्मीदवार के खाते में नहीं गया। इस पूरे मामले में राजद उम्मीदवार अविनाश कुमार विद्यार्थी के चुनाव प्रभारी शिशिर कुमार लालू ने एकतरफा वोटिंग कराए जाने का आरोप लगाया।
राजद उम्मीदवार के चुनाव प्रभारी ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत चुनाव प्रभारी से की। इसके बावजदू भी मशीन बदले जाने तक मतदान नहीं रोका गया। निर्वाचन अधिकारी को ईवीएम बदलने में 3 घंटे 13 मिनट का समय लग गया। अधिकारी करते रहे अनसुना: राजद उम्मीदवार के चुनाव चिह्न के आगे बटन नहीं होने पर स्थानीय लोग गुस्से में आ गए।
उन लोगों ने इस बात की शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की लेकिन उनकी शिकायत को अनुसना किया जाता रहा। इसके बाद लोगों ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी। मीडिया के पहुंचने के बावजदू पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भीतर नहीं जाने दिया। मीडिया की तरफ से इस बारे में सूचना शीर्ष अधिकारियों को दी गई।
इसके बाद महादेवपुर बूथ पर दूसरा ईवीएम पहुंचाया गया। इस संबंध में पीठासीन अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि ईवीएम में बटन तो था लेकिन क्लिप नहीं थी। मालूम हो कि इस मतदान केंद्र पर 639 वोटर हैं। यहां कुल 42 फीसदी मतदान हुआ। इससे पहले मुंगेर जिले की तीनों सीटों पर लगभग 43 प्रतिशत मतदान होने की रिपोर्ट मिली है। मुंगेर में 15, जमालपुर में 19 और तारापुर विधान सभा क्षेत्र में 25 प्रत्याशियों के का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया।
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Published: 29 Oct 2020, 2:40 PM IST