
कांग्रेस अध्यक्ष की सभा में घुसे आरएसएस के कार्यकर्ता ने उनका अपमान किया
बीजेपी और आरएसएस के कुछ कार्यकर्ता भी इस तरह की हरकतें करते हैं
यह मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है और हम इस हरकत की निंदा करते हैं
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली में हरियाणा से रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी रहेगी
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पटना में एक सभा में मल्लिकार्जुन खड़गे से हुए दुर्व्यवहार की निंदा की। हुड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की सभा में आरएसएस के कार्यकर्ता घुस आए थे और उनका अपमान किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के कुछ कार्यकर्ता भी इस तरह की हरकतें करते हैं।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, "आपने खुद देखा कि वे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं और उनकी एक उम्र भी है। उस बात का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कोई आरएसएस का कार्यकर्ता उनकी मीटिंग में पहुंच जाए, यह किस तरीके से सही है? क्या यह कोई तरीका है? मैं समझता हूं कि बात इस पर होनी चाहिए कि समाज में सम्मान बना रहना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि खड़गे से उम्र में बहुत छोटे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार करना उचित नहीं है। हमारे समाज में बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा रही है। घर में भी यदि कोई इतने बुजुर्ग व्यक्ति के साथ इस तरह से व्यवहार करे, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाता। वे एक राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए उनका सम्मान होना चाहिए।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मैं मानता हूं कि वहां जिस आरएसएस कार्यकर्ता ने इस तरह की हरकत की, वह गलत थी। बीजेपी और आरएसएस के कुछ कार्यकर्ता भी इस तरह की हरकतें करते हैं। यह मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है और हम इस हरकत की निंदा करते हैं।
इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की रैली में हरियाणा से रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी रहेगी। यह साबित हो गया है कि बीजेपी ने वोट चोरी करके सरकार बनाई। हरियाणा के अंदर जो हुआ, वह पूरे देश के सामने है। तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने लिखकर दिया कि गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच पूरे प्रदेश में मात्र 14,000 वोटों का अंतर था। आप समझ सकते हैं कि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है, तो हरियाणा उसका सबसे बड़ा उदाहरण है और हरियाणा ने इसका सबसे ज्यादा असर झेला है।
हुड्डा ने कहा कि इसीलिए 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जो रैली होगी। वह वोट चोरी के खिलाफ, चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के खिलाफ और देश में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बहाल करने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के आह्वान पर आयोजित इस रैली में हरियाणा की बड़ी भागीदारी रहेगी। सबसे अधिक लोग हरियाणा से शामिल होंगे।
वहीं, एआईसीसी पर्यवेक्षक नीतू वर्मा ने कहा, "महिलाएं, पुरुष और नौजवान सभी भारी संख्या में उस दिन वहां पहुंचेंगे। दिल्ली भर में मार्च और रैली होगी। दिल्ली से आवाज पीएम और गृहमंत्री आवास तक जाएगी कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हमें चाहिए, एसआईआर को रद्द कीजिए और 13 हजार करोड़ लोगों के नाम जो आपने वोटर लिस्ट से काटे हैं, उसे दोबारा जोड़ें।"
उन्होंने कहा कि ये सब बातें बनाने की बात है। उनके पास बोलने के लिए कुछ और मुद्दे नहीं हैं। सरकार डरी हुई है। राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस के कार्यकर्ता 18 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे थे तो वहां का माहौल देखकर सरकार घबराई हुई है। उनके पास और कोई मुद्दा नहीं बचा हुआ है।