
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को टीएमसी के छात्र संगठन के स्थापना दिवस पर कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार की ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस को राज्य में सत्ता वापसी में मदद करेंगी। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापस आएगी।
ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में टीएमसी के छात्र संगठन, तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के आम समर्थक जल्द ही अपनी ही पार्टी नेतृत्व को सबक सिखाएंगे। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापस आएगी।
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने चुनावों को “हाईजैक” करने के लिए चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल किया और वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाकर “वोट लूटने” के लिए एसआईआर प्रोसेस का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कोलकाता में रेहड़ी-पटरी वालों के बेदखली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर बंगाल सरकार निकाले गए फेरीवालों को फिर से बसा नहीं सकती, तो उसे उन्हें हर महीने ₹25,000 का मुआवज़ा देना चाहिए।
इस अवसर पर ममता बनर्जी ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस हमें सभाएं और रैलियां करने की अनुमति नहीं दे रही है। मैं साफ-साफ कह रही हूं, जल्द ही मैं जिलों में जाकर वहां राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करूंगी। अगर पुलिस अनुमति नहीं देती है, तो मैं जनता की अनुमति से कार्यक्रम करूंगी। लेकिन मैं अब कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति नहीं लूंगी और अदालत का समय बर्बाद नहीं करूंगी। जरूरत पड़ने पर मैं मीलों पैदल चलूंगी। उसके बाद देखूंगी कि वे क्या करते हैं।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी इस अवसर पर भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले 'बागी लेकिन बहुसंख्यक' गुट और हाल ही में लगभग न के बराबर अस्तित्व वाली राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एनसीपीआई) में शामिल हुए 20 पूर्व टीएमसी सांसदों को निशाना बनाया। अभिषेक ने कहा कि ये गद्दार हैं। मैं हमारी सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी से अनुरोध करूंगा कि भविष्य में इन्हें तृणमूल में वापस न लें। उन्होंने मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित अपने पार्टी कार्यालय से बिलबोर्ड हटाए जाने को लेकर भी बीजेपी और राज्य प्रशासन पर भी हमला किया।