
हिंदू नव वर्ष उगादी और ईद-उल-फितर से पहले बढ़े बस किरायों के खिलाफ विरोध जताने और रील बनाने के लिए एक अजीबोगरीब तरीका अपनाते हुए बेंगलुरु के एक परिवार ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को बोरे में डालकर ‘पार्सल’ करने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने के लिए अपनाए गए इस अनोखे तरीके ने तब खतरनाक मोड़ ले लिया जब बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद परिवार ने माफी मांगी।
यह घटना मंगलवार शाम मध्य बेंगलुरु के व्यालिकावल इलाके में हुई।
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पुलिस के अनुसार, परिवार एक निजी कूरियर केंद्र पर पहुंचा और दावा किया कि वे निजी और सरकारी दोनों बसों के बढ़ते किरायों के खिलाफ प्रतीकात्मक संदेश देने के लिए उस बुजुर्ग को पार्सल करना चाहते हैं। इस अजीब मांग से चौंककर वहां के कर्मचारियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी।
पूछताछ के दौरान बुजुर्ग की बेटी ने बताया कि यह पूरी घटना विरोध जताने और ‘रील’ बनाने के लिए की गई थी और इसके लिए अनोखा तरीका अपनाते हुए परिवार ने बुजुर्ग को एक बोरे में बंद कर दिया।
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पुलिस ने बताया कि स्थिति तब गंभीर हो गई जब बोरे के अंदर बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद परिवार ने अपनी हरकत के लिए पुलिस और आम जनता से माफी मांगी।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यह कृत्य बुजुर्ग की जान के लिए खतरनाक हो सकता था और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते थे।
पुलिस ने कहा, ‘‘परिवार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन वीडियो के जरिए माफी मंगवाकर और सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, साथ ही भविष्य में ऐसे खतरनाक कदम उठाने से बचने को कहा गया है।’’
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पीटीआई के इनपुट के साथ
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