
सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (175 रन) के रिकॉर्ड शतक और कप्तान आयुष म्हात्रे (53 रन) के अर्धशतक से भारत ने शुक्रवार को यहां आईसीसी अंडर 19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ नौ विकेट पर 411 रन बनाए। यह टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर भी है।
सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक जड़ा जिसके लिए उन्होंने सिर्फ 55 गेंद खेलीं ।
सूर्यवंशी ने 80 गेंद में 15 चौके और 15 छक्के से 175 रन बनाए जबकि म्हात्रे ने 51 गेंद की पारी में सात चौके और दो छक्के लगाए।
इन दोनों के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने 40 रन, कनिष्क चौहान ने नाबाद 37 रन, वेदांत त्रिवेदी ने 32 रन और विहान मल्होत्रा ने 30 रन का योगदान दिया।
इंग्लैंड के लिए जेम्स मिंटो ने तीन जबकि सेबेस्टियन मोर्गन और एलेक्स ग्रीन ने दो दो विकेट लिए।
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भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुक्रवार को कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत टी20 विश्व कप में दो स्पिनरों को खिलाने से संकोच नहीं करेगा ।
उन्होंने साथ ही वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव को लेकर चयन की उलझन को ‘बहुत अच्छा सिरदर्द’ बताया।
कुलदीप और वरुण दोनों ने टी20 विश्व कप से पहले भारत की अंतिम श्रृंखला में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की टी20 सीरीज में हिस्सा लिया था। लेकिन दोनों को एक साथ केवल रायपुर में हुए दूसरे टी20 मैच में ही मौका मिला जिसमें भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज की।
अमेरिका के खिलाफ टी20 विश्व कप के अपने पहले मुकाबले से पहले मीडिया से बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘यह एक अतिरिक्त फायदा है कि आपके पास इतने अच्छे गेंदबाज उपलब्ध हैं। लेकिन साथ ही आपको टीम संयोजन भी देखना होता है कि किस प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ किसे खिलाया जाए। ’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘अगर जरूरत होगी कि हम दो स्पिनर या दो कलाई के स्पिनर को खिला सकते हैं तो हम निश्चित रूप से ऐसा करेंगे। लेकिन वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसे विकल्प होना हमेशा अच्छा होता है। ये दुनिया के बेहतरीन स्पिनरों में से हैं और यह एक बहुत अच्छा सिरदर्द है। ’’
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दो बार की चैम्पियन वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 विश्व कप के पहले मैच में स्कॉटलैंड यह साबित करना चाहेगा कि ऐन मौके पर टूर्नामेंट में जगह बनाने का मौका मिलने के बावजूद वह बड़े प्रतिद्वंद्वियों को हराने में सक्षम है ।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से करीब एक महीने तक बातचीत नाकाम रहने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में मौका दिया है । टूर्नामेंट शुरू होने से महज दो सप्ताह पहले उसे प्रवेश मिला है ।
बांग्लादेश को चार ग्रुप मैच भारत में खेलने थे लेकिन सुरक्षा कारणों से बीसीबी ने टीम भेजने से इनकार कर दिया ।
इसकी शुरूआत तीन जनवरी को हुई जब बीसीसीआई ने भारत और बांग्लादेश के बिगड़ते आपसी संबंधों के बीच कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल 2026 टीम से मुस्ताफिजूर रहमान को बाहर करने के निर्देश दिये ।
इसके एक दिन बाद बीसीबी ने आईसीसी से कहा कि वह अपनी टीम भारत नहीं भेजेगा जिससे रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को मौका मिला ।
यूरोपीय क्वालीफायर में नीदरलैंड, इटली और जर्सी के बाद स्कॉटलैंड चौथे स्थान पर रहा था ।
स्कॉटलैंड के लिये सर्वाधिक 77 टी20 और 82 वनडे खेल चुके बायें हाथ के स्पिनर मार्क वाट ने कहा ,‘‘ हमें बांग्लादेश के खिलाड़ियों से हमदर्दी है लेकिन हमारा मानना है कि हम यहां खेलने के हकदार थे ।’’
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महिला प्रीमियर लीग 2026 का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीत लिया। फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हराया। इस जीत की नींव स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी ने रखी। खासकर मंधाना पूरे टूर्नामेंट में छाई रहीं और उन्होंने कई शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किए।
स्मृति मंधाना ने फाइनल में 41 गेंदों पर 87 रन बनाए, जो डब्ल्यूपीएल फाइनल के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। इसी पारी में जॉर्जिया वोल ने 79 रन बनाए, जो फाइनल मुकाबलों में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर दर्ज हुआ। इससे पहले फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड 2025 में हरमनप्रीत कौर (66 रन) का था।
स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल के बीच दूसरे विकेट के लिए हुई 165 रनों की साझेदारी ने भी नया इतिहास रचा। यह डब्ल्यूपीएल में किसी भी विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी रही। इस साझेदारी ने 2023 में बने 162 रनों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह डब्ल्यूपीएल फाइनल की पहली शतकीय साझेदारी भी रही और साथ ही किसी भी महिला टी20 फाइनल में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी के रूप में दर्ज की गई। इस साझेदारी के साथ स्मृति मंधाना डब्ल्यूपीएल में छह शतकीय साझेदारियों का हिस्सा बनने वाली खिलाड़ी बन गईं, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक है।
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भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे का मानना है कि अभिषेक शर्मा अब पूरी तरह परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभिषेक के खेल में स्पष्ट सोच है, उन्हें पता है कि मैदान पर क्या करना है और किस तरह फैसले लेने हैं। टी20 विश्व कप 2026 से पहले अभिषेक का वरिष्ठ भारतीय टीम में जगह बनाना स्वाभाविक था और यह सिर्फ समय की बात थी।
अभिषेक शर्मा इस बड़े टूर्नामेंट में दुनिया के टॉप रैंक वाले टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज के रूप में उतरेंगे। जुलाई 2024 में पदार्पण के बाद से उन्होंने अब तक 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1297 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दस बार पचास या उससे ज्यादा रन की पारी खेली है, जो इस अवधि में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा है।
इतना ही नहीं, अभिषेक ने इस दौरान 88 छक्के लगाए हैं, जो शीर्ष दस देशों के बल्लेबाजों में सबसे अधिक हैं। उनका स्ट्राइक रेट 195 का है, जो 1,000 से ज्यादा रन बनाने वाले बैटर्स में सबसे अच्छा है।
पारस म्हाम्ब्रे अभिषेक को तब से जानते हैं, जब वे 2018 में भारत की अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। उस समय भी उन्हें लग गया था कि यह खिलाड़ी आगे चलकर बड़ा नाम बनेगा। म्हाम्ब्रे और तत्कालीन कोच राहुल द्रविड़ को अभिषेक की मौजूदा सफलता पर कोई आश्चर्य नहीं है।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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