
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के साथ दो अन्य भारतीय बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष 12 में जगह बनाकर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए।
चोपड़ा ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करते हुए भाला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता था। वह बृहस्पतिवार को क्वालीफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे जबकि रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) क्रमशः नौवें और 10वें स्थान पर रहे। इससे इस स्पर्धा में हिस्सा लेने वाला पूरा भारतीय दल पदक दौर में पहुंचा।
प्रत्येक राउंड में आखिरी थ्रोअर रहने वाले चोपड़ा ने अपना तीसरा और आखिरी प्रयास नहीं किया क्योंकि तब तक वह पदक दौर में जगह बना चुके थे।
क्वालीफिकेशन राउंड के दौरान परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिसमें लगातार सामने से तेज हवा चल रही थी और तापमान 18 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था। 18 प्रतिभागियों में से कोई भी 84 मीटर के स्वत: क्वालीफिकेशन मानक को पार नहीं कर सका। इसके चलते शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने शुक्रवार को होने वाले फाइनल दौर के लिए क्वालीफाई किया।
केवल चार प्रतिभागी ही 80 मीटर दूर भाला फेंक पाए।
विश्व कप से पहले भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया करने पर भड़के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने सवाल दागा कि देश में हर चीज की ‘भगवा ब्रांडिंग’ क्यो हो रही है जबकि धनराज पिल्लै का कहना है कि राष्ट्रीय टीम की पहचान नीली जर्सी रही है, यह कोई फ्रेंचाइजी हॉकी नहीं है ।
चार ओलंपिक , विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी समेत भारत के लिये 339 मैच खेल चुके महान फॉरवर्ड धनराज ने भाषा से कहा ,‘‘ भारतीय हॉकी की पहचान नीली जर्सी रही है । केसरिया हमारे ध्वज का रंग है और काफी मायने रखता है लेकिन भारतीय हॉकी से जुड़ा नहीं है । इतने साल बाद लेकिन अचानक क्यो बदला गया , यह समझ से परे है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ 1928 से लेकर अब तक , दादा ध्यानचंद और बलबीर सिंह सीनियर से लेकर मोहम्मद शाहिद , जफर इकबाल और 1980 मॉस्को ओलंपिक की टीम तक सभी नीली जर्सी में खेले हैं । मैं खुद 15 साल तक खेला और जब तक खेला गहरा और हल्का नीला ही जर्सी का रंग रहा है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ वह भाव अब नयी केसरिया रंग की जर्सी में कैसे आ सकेगा । यह कोई आईपीएल या हॉकी इंडिया लीग नहीं है जिसमें फ्रेंचाइजी अलग अलग रंगों की जर्सी में खेलते हैं । भारतीय जर्सी का रंग तो नीला ही है ।’’
एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पूर्व कप्तान ने कहा ,‘‘जहां तक मुझे याद है ,हम 1992 बार्सीलोना ओलंपिक में अर्जेंटीना के खिलाफ एक मैच पीली जर्सी पहनकर खेले थे । नीले शॉर्ट और पीली टीशर्ट । इसके अलावा सिर्फ नीली जर्सी ही पहनी है ।’’
भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में इतिहास रचते हुए पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में शीर्ष दो स्थान हासिल किए जब दिलीप महादू गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ ने रजत पदक जीता।
दिलीप ने 10.71 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड और सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं बासिल ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ 10.83 सेकेंड का समय निकालते हुए रजत पदक हासिल किया।
इंग्लैंड के केविन सैंटोस ने 10.85 सेकेंड के सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ का समय के साथ कांस्य पदक जीता।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में यह भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा भारोत्तोलन वर्ग में और शर्मिला धनखड़ ने पैरा एथलेटिक्स की महिलाओं की गोला फेंक एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा पैरा एथलेटिक्स की फर्राटा प्रतियोगिता है जिसमें एक हाथ में शारीरिक अक्षमता या उसके अभाव वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इससे शरीर के एक हिस्से की ताकत, गति या समन्वय प्रभावित होता है।इन दो पदकों के साथ भारत पदक तालिका में तीन स्वर्ण, नौ रजत और तीन कांस्य पदक लेकर आठवें स्थान पर पहुंच गया।
इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के एक अन्य पूर्व खिलाड़ी स्टीफन फ्लेमिंग को बृहस्पतिवार को अपनी टेस्ट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया और स्टार बल्लेबाज जो रूट को फिर से कप्तान पद की जिम्मेदारी सौंपी।
फ्लेमिंग ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी ब्रेंडन मैकुलम की जगह ली, जिन्हें ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज 4-1 से हारने और पिछले महीने न्यूजीलैंड से घरेलू सीरीज 2-1 से हारने के बाद हटा दिया गया था।
इस तरह से अब इंग्लैंड के तीनों प्रारूप में मुख्य कोच न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी हैं क्योंकि मैकुलम वनडे और टी20 टीमों के कोच बने रहेंगे।
फ्लेमिंग पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के बाद अपना कार्यभार संभालेंगे, जो 19 अगस्त को लीड्स में शुरू होगी। इस श्रृंखला के लिए मार्कस ट्रेस्कोथिक इंग्लैंड के अंतरिम कोच होंगे।
रूट इससे पहले 2017-22 तक इंग्लैंड के स्थायी टेस्ट कप्तान रह चुके हैं। उन्होंने 65 टेस्ट मैच में कप्तानी की है जो इंग्लैंड की तरफ से रिकॉर्ड है। इनमें से उन्होंने रिकॉर्ड 27 मैच जीते हैं।
35 वर्षीय रूट ने बेन स्टोक्स का स्थान लिया है, जिन्होंने जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। स्टोक्स ने अपने उप-कप्तान हैरी ब्रूक को अगले कप्तान के रूप में नामित किया था।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार ने सावन मास के पहले दिन उज्जैन स्थित भगवान महाकाल के दर्शन किए।
पाटीदार ने अपनी पत्नी और बच्चे के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और विधिवत तरीके से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की।
रजत पाटीदार का क्रिकेट करियर फिलहाल शानदार चल रहा है। आईपीएल में आरसीबी के लिए वह बेहतरीन कप्तान और बल्लेबाज के रूप में उभरे हैं। पाटीदार ने अपनी कप्तानी में आरसीबी को लगातार 2 साल (2025, 2026) चैंपियन बनाया है। वहीं, मध्यक्रम में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बड़ा दर्शक वर्ग खड़ा किया है।
आईपीएल में लगातार बेहतरीन बल्लेबाजी की वजह से पाटीदार को भारतीय टी20 टीम में जगह देने की मांग भी उठी थी, लेकिन फिलहाल उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिल पाई है। पाटीदार मध्यप्रदेश की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और नियमित तौर पर राज्य के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं। वह मध्यप्रदेश के कप्तान भी हैं।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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