
भारत की महिला और पुरुष टेबल टेनिस टीमों ने सोमवार को टोयोटा में एशियन गेम्स में अपने-अपने मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। स्काई हॉल में भारतीय महिला टीम ने ग्रुप एफ में लगातार तीसरी जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने रविवार को अपने शुरुआती मुकाबलों में इंडोनेशिया और सिंगापुर को हराया था और इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भी अपना दबदबा कायम रखा।
हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला युगल का कांस्य पदक जीतने वाली सुतीर्था मुखर्जी ने अलीना खान को केवल 10 मिनट में 11-3, 11-3, 11-4 से हराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद 17 वर्षीय सिंड्रेला दास ने कलसूम खान को 11-6, 11-7, 11-5 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में फिलहाल 99वें स्थान पर काबिज सिंड्रेला को घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन का इनाम एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में चयन के रूप में मिला है। श्रीजा अकुला ने फातिमा खान को महज 11 मिनट में 11-4, 11-4, 11-5 से हराकर मुकाबला भारत के नाम किया और टीम को अंतिम आठ में पहुंचाया।
बाद में भारतीय पुरुष टीम ने ईरान के खिलाफ पिछले मुकाबले में मिली हार के बाद शानदार वापसी करते हुए पाकिस्तान को 3-0 से करारी शिकस्त दी। विश्व में 97वें नंबर के खिलाड़ी हरमीत देसाई ने पहले मैच में पाकिस्तान के मोहम्मद खान पर 3-0 (11-4, 11-3, 11-5) से जीत के साथ भारत को शानदार शुरुआत दिलाई, जबकि 82वें रैंकिंग के कप्तान जी साथियान ने अब्बास खान पर 3-0 (11-1, 11-8, 11-9) से आसान जीत दर्द की। तीसरे मैच में पायस जैन ने मोहम्मद खान को 3-0 (11-2, 11-5, 11-7) से हराकर भारतीय टीम को जीत की राह पर लौटा दिया।
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से खास मुलाकात की। गंभीर ने भगवान गणेश की मूर्ति भी गृह मंत्री को भेंट में दी। गौतम गंभीर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक सौहार्दपूर्ण मुलाकात। उनके समय और मार्गदर्शन के लिए आभारी हूं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करता हूं।"
गौतम गंभीर की अगुवाई में भारतीय टीम का प्रदर्शन अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में खेली गई टी20 इंटरनेशनल सीरीज में शानदार रहा। भारत ने टी20 सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया। गौतम गंभीर के हेड कोच पद संभालने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन आईसीसी टूर्नामेंट्स में अच्छा रहा है। साल 2025 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा जमाया। इसके बाद 2026 में भारतीय टीम टी20 विश्व कप में सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव करने में सफल रही।
हालांकि, भारतीय टीम को गंभीर की अगुवाई में घरेलू सरजमीं पर पहली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी। इसके साथ ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारतीय टीम अब एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंची है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेगी। टीम इंडिया एशियन गेम्स में अपने अभियान का आगाज 28 अक्टूबर को क्वार्टर फाइनल मैच के साथ करेगी। हालांकि, इससे पहले टीम को जापान के खिलाफ पहली बार टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलना है, जो 22 सितंबर (मंगलवार) को खेला जाना है।
एशियन गेम्स 2026 का आगाज भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने धमाकेदार जीत के साथ किया है। एकतरफा मुकाबले में लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 3-0 से शिकस्त दी। भारत को मुकाबले में बेहतरीन शुरुआत लक्ष्य सेन ने दिलाई। बांग्लादेश के खिलाड़ी अयमान इब्न जमन के खिलाफ खेलते हुए लक्ष्य ने दमदार खेल दिखाया। पहले गेम में लक्ष्य का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला और उन्होंने एक के बाद एक दमदार शॉट्स लगाते हुए गेम को 21-4 के बड़े अंतर से जीता। लक्ष्य अपनी इसी लय को दूसरे गेम में भी बरकरार रखने में सफल रहे। उन्होंने दूसरे गेम को 21-12 से अपने नाम करते हुए मुकाबले में भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।
लक्ष्य के जबरदस्त स्मैश का जमान के पास कोई जवाब नजर नहीं आया। वहीं, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करके सुर्खियों में आने वाले आयुष शेट्टी ने दूसरे मैच में कमाल का खेल दिखाया। बांग्लादेश के खिलाड़ी गौरव सिंघा पर आयुष पूरी तरह से हावी नजर आए और उन्होंने वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। आयुष ने पहले गेम को 21-4 से जीता। इसके बाद दूसरे गेम में भी वह अपने इस दबदबे को कायम रखने में कामयाब रहे और उन्होंने 21-13 से गेम जीतकर भारत की बढ़त को 2-0 कर डाला।
तीसरे मैच में किदांबी श्रीकांत का प्रदर्शन भी बेमिसाल रहा। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाड़ी जुमार अल-अमीन को शिकस्त देते हुए भारत की दूसरी जीत पक्की की। हालांकि, श्रीकांत को पहले गेम में जीत के लिए थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन वह गेम को 21-15 से अपने नाम करने में सफल रहे। दूसरे गेम में श्रीकांत ने जुमार को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया और 21-10 से गेम को जीतकर बांग्लादेश की हार पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ ही भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की भिड़ंत अब मंगलवार को जापान से होगी। भारतीय पुरुष टीम अगर जीत दर्ज करने में सफल रहती है, तो उनका मेडल पक्का हो जाएगा।
भारत क्रिकेट टीम के जापान में द्विपक्षीय टी20 मुकाबला खेलने को कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्रिकेट के नये क्षेत्रों में विस्तार की सफलता का प्रतीक करार दिया। भारत और जापान के बीच मंगलवार को होने वाला मुकाबला दोनों देशों के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होगा। यह मैच दोनों एशियाई देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों की शुरुआत भी करेगा।
अय्यर से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी जापान जैसे देश में भारत के द्विपक्षीय टी20 मुकाबला खेलने की कल्पना की थी तो उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था लेकिन अब क्रिकेट हर देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और सभी टीमें अपने-अपने तरीके से मजबूत बन रही हैं। मुझे यकीन है कि कल का मुकाबला भी रोमांचक होगा।’’
जापान पहुंचने के अपने शुरुआती अनुभव साझा करते हुए अय्यर ने कहा कि यहां के लोगों का व्यवहार बेहद आत्मीय रहा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत खूबसूरत है। यहां उतरते ही हमने लोगों को बेहद सौहार्दपूर्ण, उदार और मददगार पाया। ऐसा व्यवहार हमें अपने देश में भी देखने को मिलता है। यहां की मेहमाननवाजी शानदार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने जापान के बारे में लोगों से काफी अच्छी बातें सुनी हैं। जापान और तोक्यो को लेकर अभी ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि टीम को यहां आए सिर्फ एक दिन हुआ है। मैं इस देश को और बेहतर तरीके से जानने को उत्सुक हूं।’’
अय्यर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए रोमांचक मुकाबला होने वाला है। हम पहली बार जापान के खिलाफ खेलेंगे। मुझे यहां की परिस्थितियों और विकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन हम शानदार मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैने कुछ ‘रील’ देखे हैं। हम उनके खिलाड़ियों की अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। टीम मुकाबले के लिए पूरी तरह उत्साहित है और उम्मीद है कि बारिश नहीं होगी, जिससे स्टेडियम में आने वाले दर्शकों को एक प्रतिस्पर्धी मैच देखने को मिले।’’ अय्यर ने कहा, ‘‘हम यहां पहली बार आये हैं। यहां की संस्कृति और लोगों का अनुशासन देखने का तरीका काफी अलग है। मुझे नयी संस्कृति को अपनाना और वहां के माहौल तथा जीवनशैली के अनुरूप खुद को जल्दी ढालना पसंद है। इसलिए यह हमारे लिए एक नई चुनौती है।’’
भारतीय टीम इस मुकाबले के लिए रविवार को जापान पहुंची। टीम मंगलवार को सानो में मेजबान जापान के खिलाफ ऐतिहासिक मुकाबला खेलने के बाद एशियाई खेलों के लिए नागोया रवाना होगी। जापान में क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय नहीं है ऐसे में भारतीय क्रिकेटरों का यहां आना अपने आप में खास अनुभव है। लगातार हो रही बारिश के कारण भारत को मैच से पहले अपना अभ्यास सत्र रद्द करना पड़ा। मुकाबला तोक्यो से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित सानो में खेला जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो भारतीय टीम मैदान पर उतरने को लेकर भी बेहद उत्साहित है।
सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। हॉकी इंडिया ने सोमवार को भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता की सराहना की। इस खास उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने कहा कि यह सविता के करीब दो दशकों के अनुशासन, मेहनत और बेहतरीन नेतृत्व का नतीजा है। उनके शानदार योगदान को सम्मान देने के लिए हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख का नकद इनाम देने की घोषणा भी की।
सविता ने भारत की पूर्व स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर इंटरनेशनल मैच खेलने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने जापान में चल रहे एशियन गेम्स में इंडोनेशिया के खिलाफ भारत के पूल बी मैच के दौरान यह मुकाम हासिल किया और अपने शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ी।
ओपन प्ले में शॉट रोकने की अपनी काबिलियत और पेनल्टी शूटआउट में बिना घबराए खेलने के रिकॉर्ड के कारण हॉकी की दुनिया में 'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर 36 साल की सविता ने 2009 में अपना सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू किया था। सविता पूनिया ने अपने शानदार करियर में भारत के लिए लगातार बड़े टूर्नामेंट खेले हैं। वह तीन ओलंपिक, दो एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग जैसे कई अहम टूर्नामेंटों का हिस्सा रही हैं।
एक युवा और प्रतिभाशाली गोलकीपर के रूप में शुरुआत करने वाली सविता समय के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गईं। उन्होंने लंबे समय तक टीम की कप्तानी भी की। बाद में टीम की कमान सलीमा टेटे को सौंप दी गई, लेकिन सविता आज भी भारतीय टीम की मजबूत स्तंभ बनी हुई हैं। सविता ने फरवरी 2025 में एफआईएच हॉकी प्रो लीग में नीदरलैंड के खिलाफ अपना 300वां इंटरनेशनल मैच खेला था। वह वंदना के बाद 300 मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय महिला और पीआर श्रीजेश के बाद ऐसा करने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर बनी थीं। उन्होंने 20 सितंबर, 2026 को एशियन गेम्स 2026 के ओपनिंग मैच में उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारत की 19-0 की शानदार जीत के दौरान वंदना के 320 मैचों के ऑलटाइम रिकॉर्ड की बराबरी की और सोमवार को उसे पीछे छोड़ दिया।
सविता पूनिया ने जिस रिकॉर्ड को अपने नाम किया है, वह पहले भारत की दिग्गज फॉरवर्ड वंदना कटारिया के नाम था। वंदना ने 2009 में सविता के साथ ही इंटरनेशनल हॉकी में कदम रखा था। उन्होंने भारत के लिए 320 मैच खेले और 158 गोल किए। अप्रैल 2025 में उन्होंने इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास ले लिया था। वंदना का 16 साल लंबा करियर कई यादगार उपलब्धियों से भरा रहा। टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने भारत के लिए ऐतिहासिक हैट्रिक लगाई थी। उनके शानदार योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार के प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से भी नवाजा गया था।
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