न्यूजीलैंड के आलराउंडर रचिन रविंद्र ने टी20 विश्व कप के सुपर आठ मैच में अपनी टीम की श्रीलंका पर 61 रन से जीत के बाद अपने कप्तान मिचेल सैंटनर की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि वह अपने साथी खिलाड़ियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह हैं और उन्हें दमदार महसूस कराने का तरीका ढूंढ लेते हैं।
रविंद्र ने इस मैच में 32 रन बनाए और 19 रन देकर चार विकेट भी लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। कप्तान सैंटनर की 26 गेंदों पर खेली गई 47 रन की पारी से न्यूजीलैंड 84 रन पर छह विकेट गंवाने के बावजूद सात विकेट पर 168 रन बनाने में सफल रहा। इसके जवाब में श्रीलंका आठ विकेट पर 107 रन ही बना सका।
रविंद्र ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि सैंटनर कितने शांत स्वभाव के हैं, लेकिन उनका सोचने का तरीका भी कमाल का है, जैसे कि किस छोर से कौन सी गेंद फेंकनी है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अच्छा प्रदर्शन करके आगे बढ़कर नेतृत्व करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह हमेशा आपके साथ खड़े रहते हैं और आपका हौसला बढ़ाते हैं। मुझे लगता है कि उनके जैसा कप्तान होना टीम के लिए बहुत अच्छा है। उनके नेतृत्व में मैदान पर उतरते ही आपको ऐसा अहसास होता है जैसे आप 10 फीट लंबे हों और आप अभेद्य महसूस करते हैं। टीम में उनकी मौजूदगी से बहुत फायदा मिलता है।’’
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श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने कहा कि उनकी टीम के टी20 विश्व कप से बाहर होने के लिए केवल फिटनेस और फॉर्म ही एकमात्र कारण नहीं थे, बल्कि इसके लिए ‘बाहर का नकारात्मक माहौल’ भी जिम्मेदार रहा। इसके अलावा उन्होंने सरकार से खिलाड़ियों को आलोचना से बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की अजीबोगरीब मांग की।
शनाका ने टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में न्यूजीलैंड से हारकर बाहर होने के बाद अपने देशवासियों से माफी मांगी और कहा कि वे उन्हें खुशी देने में असफल रहे।
सह मेजबान श्रीलंका करो या मरो मुकाबले में न्यूजीलैंड से 61 रन से हार गया। इससे पहले वह इंग्लैंड से 51 रन से हार गया था, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ उसका आखिरी मैच उसके लिए औपचारिक रह गया है।
शनाका ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘खिलाड़ी होने के कारण हमारे लिए बाहर हो रही बातों को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। हम अधिकतर समय नकारात्मक बातें ही सुनते हैं। चाहे हम खिलाड़ी कितने भी सकारात्मक क्यों न हों, बाहर से नकारात्मक माहौल बन ही जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह श्रीलंका में क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान है। इस तरह की नकारात्मकता क्यों फैलाई जा रही है। ठीक है हम विश्व कप हार गए। हमें कारण पता हैं। हम सभी चिंतित हैं।’’
शनाका ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम खेलेंगे और आगे बढ़ेंगे। लेकिन कम से कम भविष्य के खिलाड़ियों के लिए अगर सरकार हस्तक्षेप करके इन्हें (नकारात्मक बातों को) रोक सकती है तो मुझे लगता है कि यह खिलाड़ियों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत मददगार साबित होगा।’’
श्रीलंका के कप्तान ने हालांकि टीम के लचर प्रदर्शन के लिए अपने देशवासियों से माफी मांगी।
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टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबान श्रीलंका टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करने वाली श्रीलंका सुपर-8 में इंग्लैंड के खिलाफ हारने के बाद बुधवार को हुए दूसरे मैच में न्यूजीलैंड से भी हार गई। इस मैच में हार के साथ ही श्रीलंका की टूर्नामेंट से निराशाजनक विदाई हो गई।
सुपर-8 में निराशाजनक प्रदर्शन और सेमीफाइनल में श्रीलंका के जगह नहीं बना पाने से पूर्व खिलाड़ी बेहद निराश हैं।
पूर्व ऑलराउंडर फरवीज महारूफ ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए कहा, "यह दुख देने वाला, दर्दनाक और शर्मनाक है। यह ऐसी पिच नहीं है जिस पर आप लाइन के पार खेल सकें। कुछ बल्लेबाजों ने अपने विकेट गंवा दिए। पथुम निसांका के विकेट को छोड़कर बाकी सभी आसान गेंदों पर आउट हुए। ठीक इंग्लैंड के गेम की तरह, जहां सभी दस आउट आसान थे। यह दिखाता है कि श्रीलंका की बल्लेबाजी खराब है।"
महारूफ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मैच का जिक्र करते हुए कहा, "यह एक बुरी आदत बनती जा रही है। मैं पिछले सात-आठ साल से यही देख रहा हूं। कभी-कभी, एक अच्छा मैच होता है, और हमारी उम्मीदें बहुत ज्यादा हो जाती हैं और फिर अचानक, जमीन पर गिर जाती हैं। मुझे उम्मीद है कि अब आगे चलकर यह खत्म होगा और कुछ कड़े फैसले लिए जाएंगे।"
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पेरिस सेंट जर्मन (पीएसजी) ने यूईएफए चैंपियंस लीग प्ले-ऑफ के दूसरे लेग में एएस मोनाको के साथ 2-2 से ड्रॉ खेलते हुए कुल 5-4 की बढ़त के साथ अंतिम-16 में जगह बना ली। पेरिस के घरेलू मैदान पार्क डेस प्रिंसेस में खेले गए इस मुकाबले में रोमांच आखिरी मिनट तक बना रहा।
पहले हाफ में मोनाको ने आक्रामक शुरुआत की और हाफ-टाइम से ठीक पहले मैग्नेस अक्लिउचे के शानदार गोल से बढ़त हासिल कर ली। दूसरे हाफ में मैच का रुख तब बदला जब मोनाको के मामादौ कूलिबली को दूसरी बार पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। दस खिलाड़ियों के साथ खेल रही मेहमान टीम पर दबाव बढ़ गया।
इसके बाद पीएसजी के कप्तान मार्क्विनहोस ने डेसिरे डूए के क्रॉस पर गोल कर बराबरी दिलाई। कुछ ही मिनटों में ख्विचा क्वारात्सखेलिया ने रिबाउंड पर गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी। हालांकि, सब्स्टीट्यूट जॉर्डन टेजे ने अतिरिक्त समय में गोल कर मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया। अंततः पीएसजी ने बढ़त बचाए रखते हुए अगले दौर में प्रवेश कर लिया।
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जम्मू-कश्मीर ने तेज गेंदबाज औकिब नबी की धारदार गेंदबाजी से कर्नाटक के शीर्ष क्रम को ध्वस्त करते हुए बृहस्पतिवार को यहां तीसरे दिन पहली पारी में मेजबान टीम का स्कोर पांच विकेट पर 220 रन करके ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने की ओर कदम बढ़ाए।
जम्मू-कश्मीर की टीम तीसरे दिन पहली पारी में 584 रन पर आउट हो गई।
नबी ने इसके बाद 14 ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट चटकातते हुए कर्नाटक के शीर्ष क्रम को ध्वस्त किया। उन्होंने लगातार नौ ओवर फेंककर भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े नामों को परेशानी में डाला।
नबी ने लोकेश राहुल को आउट करके पहला झटका दिया और फिर दो गेंद पर दो विकेट लेकर कर्नाटक को और बड़ी मुश्किल में डाल दिया। उन्होंने भारत के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी करुण नायर को अंदर आती गेंद पर बोल्ड किया और फिर अगली ही गेंद पर फॉर्म में चल रहे स्मरण रविचंद्रन को पवेलियन भेजा।
अनुभवी मयंक अग्रवाल (नाबाद 130) ने आखिरी सत्र में मजबूत रक्षात्मक तकनीक का नजारा पेश करके एक छोर संभाले रखा। उन्होंने 124 रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब उनका कैच छूटा।
अग्रवाल की पारी के बावजूद कर्नाटक की टीम पहली पारी के आधार पर 364 रन से पीछे है और और फॉलोऑन से बचने के लिए उसे 165 रन और चाहिए।
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