
दुनिया भर में कोरोना का कहर थमने का नम नहीं ले रहा है। भारत में लाखों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। मरने वालों की संख्या भी हजारों में है। इन सबके बीचे मास्क सोशल डिस्टेंसिंग के बाद अगर कोरोना से बचने का कोई तरीका है तो वो वैक्सीन बताई जा रही है। कोरोना वायरस से बचने के लिए पूरे देश में लोगों को वैक्सीनेट किया जा रहा है ताकि भविष्य में बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।
इन सबके बीच इटली के शोधकर्ताओं ने बीमारी के बाद शरीर में एंटीबॉडीज को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 इंफेक्टेड होने के आठ महीने बाद तक मरीज के खून में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज रहते हैं। मिलान के सैन राफेल अस्पताल ने बताया कि बीमारी की गंभीरता, मरीज की उम्र या किसी बीमारी की चपेट में आने के बावजूद ये एंटीबॉडीज खून में मौजूद रहते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि शरीर में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज बने रहने तक वायरस का खतरा खत्म हो जाता है।
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