
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीडियो शेयर करके मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं। और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म। जिस कंपनी COEMPT को यह जिम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है। नाम बदला-पर नीयत वही, फितरत वही। इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा। यह गलती नहीं- यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
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उन्होंने कई सवाल पूछे:
COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
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उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए। CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
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कांग्रेस ने बुधवार को सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि ‘‘मंत्री प्रधान का अपने पद से चिपके रहना’’ तथा ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा उनका बचाव किया जाना शर्मनाक है।’’ विपक्षी दल ने एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहरायी।
यह विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों ने अंक में गड़बड़ी के आरोप लगाए तथा यह दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। इससे ओएसएम प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। सीबीएसई सूत्रों ने कहा कि बोर्ड सभी शिकायतों की सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रहा है।
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