मृणाल की बैठक के इस अंक में सबसे पहले चर्चा पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों के बारे में। इस बार बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया गया है लेकिन चीन और पाकिस्तान को न्योता नहीं दिया गया है। इससे जाहिर है कि भारत-पाक रिश्तों पर जमी बालाकोट की बर्फ पिघलने में अभी वक्त है, लेकिन चीन को आमंत्रित न करना अचंभित करता है।
इसके अलावा बात पीएम मोदी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पहले भाषण की, जिसमें उन्होंने सबका साथ, सबका विकास के साथ ही सबका विश्वास का एक नया नारा दिया है। यह अच्छा नारा है, लेकिन उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर पहुंचे।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए