
वोट चोरी के खिलाफ 23 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय दिल्ली की सड़कों पर नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। आइसा, एसएफआई, केवाईएस और वामपंथी संगठनों ने प्रोटेस्ट की अगुवाई करते हुए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा और एसआईआर को रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज बीजी कोलसे पाटिल ने कहा कि 'युवाओं से विरोध प्रदर्शन के खिलाफ बॉन्ड भरवाने का अधिकार कोर्ट को नहीं है। मुझसे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ बॉन्ड भरवाने की बात की जाए तो मैं जेल जाऊंगा।' प्रोटेस्ट में शामिल आइसा की नेता अंजलि ने कहा कि 'स्टेट अपना खेल, खेल रहा है और एसईएम कोर्ट को आगे कर दिया गया है, लेकिन जनता डरेगी नहीं और सड़कों पर लगातार आवाज बुलंद करेगी', देखिए आंखों देखा हाल की नई कड़ी