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उर्दू पत्रकारिता के 200 साल: हम ज़िंदा थे, ज़िंदा हैं, ज़िंदा रहेंगे...

उर्दू पत्रकारिता की 200वीं वर्षगांठ के मौके पर नेशनल हेराल्ड समूह के प्रधान संपादक जफर आगा से बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि उर्दू हमेशा से जीवन का प्रतीक रही है और इसने हमेशा बदलाव की पत्रकारिता की है।

फोटोः नवजीवन
फोटोः नवजीवन 

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