75 साल में हमने क्या खोया-क्या पाया और आज हम कितने आज़ाद हैं!

एक राष्ट्र के तौर पर हम स्वतंत्रता के 75 साल पूरे कर रहे हैं। ऐसे में यह वक्त है ठहरकर यह सोचने का कि इन 75 वर्षों की इस यात्रा के दौरान हमने क्या खोया और क्या पाया। महात्मा गांधी आज होते तो देश की आज की हालत देखकर उनके मन में क्या विचार आते?

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नवजीवन डेस्क

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एक राष्ट्र के तौर पर हम स्वतंत्रता के 75 साल पूरे कर रहे हैं। ऐसे में यह वक्त है ठहरकर यह सोचने का कि इन 75 वर्षों की इस यात्रा के दौरान हमने क्या खोया और क्या पाया। महात्मा गांधी आज होते तो देश की आज की हालत देखकर उनके मन में क्या विचार आते?

यह भी सोचने का वक्त है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जिन्हें गांधी जी ने आजाद भारत की अनजान और मुश्किल भरी यात्रा में देश को रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी सौंपी, जिन पंडित नेहरू ने ‘नेशनल हेरल्ड’ और ‘नवजीवन’ अखबारों को शुरू किया और इसे भविष्यदर्शी टैगलाइन दी - आजादी खतरे में है, इसे अपनी पूरी ताकत लगाकर बचाएं, अगर वे आज होते तो उनके दिलोदिमाग में क्या सवाल पैदा होते।

आजादी की सालगिरह पर हमने कुछ जाने-माने भारतीयों से इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश की कि ‘आज हम कितने आजाद हैं ?

उनके विचार देश में एक नई शुरुआत की पृष्ठभूमि तैयार करते दिख रहे हैं। इन विचारों को एक श्रृंखला के तौर पर हमने आपके सामने रखा। इन सभी लेखों और विचारों को आप एक बार फिर नीचे दिए गए लिंक में पढ़ सकते हैं।

इन सभी लेखों को आप नीचे दिए गए पीडीएफ में भी पढ़ सकते हैं।

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