
आईसीसी टी20 विश्व कप में आज भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले ग्रुप मुकाबले को सिर्फ क्रिकेट के लिए याद नहीं रखा जाएगा। भले ही इस मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ी अपने बल्ले और गेंद से खूब आतिशबाज़ी करें, लेकिन इस मैच से पहले तक चलते रहे भूराजनैतिक कारणों से इतिहास में दर्ज होगा। श्रीलंका में कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में हो रहा यह मुकाबला आने वाले समय में बताता रहेगा कि कैसे इस अकेले मैच ने पूरे खेल को एक तरह से बंधक बना लिया था।
एक सप्ताह पहले तक तो यही लग रहा था कि दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला क्रिकेट मैच शायद हो ही नहीं पाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने ऐलान कर दिया था कि वे अपने ‘भाई’ बांग्लादेश के साथ खड़े रहेंगे और भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे। लाहौर में आईसीसी, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच त्रिपक्षीय बैठक के बाद आखिरकार गतिरोध टूटा। सभी पक्षों ने ‘क्रिकेट की भावना’ की रक्षा का दावा किया।
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लेकिन साफ है कि इस पूरी सियासी लड़ाई में जीत पैसे की हुई न कि क्रिकेट की भावना की। कुछ दिन पहले इस मैच का कारोबारी मूल्य लगभग 250 मिलियन डॉलर आंका गया था—जो सभी पक्षों के लिए बहुत बड़ा दांव था। अब जब यह हाई-प्रोफाइल मुकाबला होने ही वाला है तो यह बहस बेमानी लग सकती है कि आखिर किसकी जीत हुई, पर एक बात तय है—एक ही मैच पर अत्यधिक निर्भरता खेल के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है।
भारत-पाकिस्तान की ऐतिहासिक क्रिकेट शत्रुता हमेशा क्रिकेट की लोककथाओं का हिस्सा रही हैं, लेकिन दोनों देशों के तनावपूर्ण रिश्तों ने द्विपक्षीय श्रृंखलाओं और एशिया कप पर भी असर डाला है। आईसीसी द्वारा ब्रॉडकास्टर की मांग पर दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखने और बाद के चरणों में दोबारा भिड़ंत की संभावना बनाने से टूर्नामेंट का संतुलन प्रभावित हुआ है।
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2025 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी—जो पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं—ने सख्त रुख अपनाया था। बीसीसीआई ने एक बार फिर भारत सरकार के निर्देश का हवाला देते हुए पाकिस्तान दौरे से इनकार कर दिया था, जबकि अन्य देश वहां खेल रहे थे और पाकिस्तान सुपर लीग बिना रुकावट के जारी थी। 2025 की शुरुआत में बैकचैनल बैठकों के बाद एक समझौता हुआ, जिसके तहत 2027 तक भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे की धरती पर नहीं खेलेंगे। अपुष्ट खबरें यह भी हैं कि पीसीबी अगले तीन वर्षों तक हाइब्रिड मॉडल जारी रखना चाहता है, क्योंकि वह इस बड़े मुकाबले में खुद को बराबरी का हिस्सेदार मानता है।
लेकिन मैदान के बाहर का दबाव ऐतिहासिक आर प्रेमदासा स्टेडियम में उतरते समय सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम और सलमान अली आगा की पाकिस्तानी टीम पर साफ झलकेगा। अगर किसी को लगा कि न्यूट्रल वेन्यू होने से दर्शकों के जोश में कमी होगी, तो यह गलतफहमी है। बड़ी संख्या में भारतीय समर्थक महंगे हवाई किराए और होटल दरों के बावजूद सिर्फ इस मैच के लिए श्रीलंका पहुंचे हैं।
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बात क्रिकेट की करें तो भारत थोड़ा दबाव में हो सकता है, क्योंकि टीम शुक्रवार रात ही कोलंबो पहुंची और उसे परिस्थितियों से तालमेल बैठाने के लिए केवल एक अभ्यास सत्र मिला है। मौजूदा चैंपियन टीम ने अब तक दोनों मैच जीते हैं और बेहतर रन रेट के कारण ग्रुप ए में शीर्ष पर है, लेकिन फॉर्म में चल रहे अभिषेक शर्मा पेट की समस्या के कारण संदिग्ध हैं।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम पिछले दो हफ्तों से कोलंबो में डेरा डाले हुए है और प्रतिद्वंद्वी बल्लेबाजों को रोकने के लिए स्पिन पर दांव लगाने की योजना बना रही है। एशिया कप में पिछली तीनों भिड़ंत हारने के बाद क्या वे रुझान बदल पाएंगे, या भारत 8-1 की बढ़त बना लेगा? जवाब जल्द मिल जाएगा। मैच आज शाम 7 बजे से खेला जाएगा।
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