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अर्थतंत्र की खबरें: सोना महंगा, चांदी के दाम स्थिर और शेयर बाजार में चार सत्रों के बाद तेजी लौटी

कारोबारियों ने कहा कि सोने की कीमत में यह वृद्धि घरेलू सर्राफा बाजार में खरीदारी की मजबूत दिलचस्पी के कारण हुई, जबकि निवेशक महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपना रहे थे।

सोना महंगा, चांदी के दाम स्थिर
सोना महंगा, चांदी के दाम स्थिर  A.SureshKumar

दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन तेजी रही और यह 1,400 रुपये बढ़कर लगभग 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बृहस्पतिवार के बंद भाव 1,59,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से 1,400 रुपये बढ़कर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। हालांकि, चांदी की कीमत 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

कारोबारियों ने कहा कि सोने की कीमत में यह वृद्धि घरेलू सर्राफा बाजार में खरीदारी की मजबूत दिलचस्पी के कारण हुई, जबकि निवेशक महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपना रहे थे। इन आंकड़ों का असर ब्याज दर की दिशा और कीमती धातुओं के भविष्य पर पड़ सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. में संपत्ति प्रबंधन मामलों के शोध प्रमुख, सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि घरेलू चांदी की कीमत जनवरी के चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक के उच्चतम स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक टूटकर लगभग 2.3 लाख-2.4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई हैं। लेकिन निवेश की मांग कम बनी हुई है, जिससे डीलरों के पास मौजूद स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मांग में सुधार नहीं होता है, तो भारतीय डीलर के लगभग 2,000 टन चांदी के ऑर्डर से स्टॉक का बोझ और बढ़ सकता है।’’

वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना मामूली रूप से टूटकर 4,465.34 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 0.38 प्रतिशत गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस पर रही।

शेयर बाजार में चार सत्रों के बाद तेजी लौटी, सेंसेक्स 363 अंक चढ़ा

वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच धातु, निजी बैंक और तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों में खरीदारी आने से शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार चार दिन की गिरावट से उबरकर तेजी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 363 अंक चढ़ा जबकि निफ्टी में बढ़त सीमित रही।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 362.57 अंक यानी 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 अंक पर बंद हुआ। इसके 20 शेयर लाभ में, जबकि 10 नुकसान में रहे। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 730.28 अंक तक चढ़कर 76,883.14 अंक के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया था।

एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 24.25 अंक यानी 0.10 प्रतिशत बढ़कर 23,897.70 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 132 अंक चढ़कर 24,005.75 अंक तक पहुंच गया था लेकिन समापन नीलामी सत्र (सीएएस) में इसकी बढ़त कम हो गई।

सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

दूसरी तरफ, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इटर्नल, एशियन पेंट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, सन फार्मास्युटिकल्स, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में गिरावट रही।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाजार में राहत भरी तेजी आई। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहने से बढ़त सीमित रही।"

नायर ने कहा कि घरेलू बाजार में शेयर और क्षेत्र आधारित खरीदारी जारी रही तथा छोटी कंपनियों के शेयरों के सूचकांक कारोबार के दौरान अपने अब तक के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।

नायर ने कहा, "मजबूत आय वृद्धि, अर्थव्यवस्था की मजबूती और घरेलू मांग में मजबूती से व्यापक बाजार में निवेशकों का भरोसा कायम है।"

रुपया दो पैसे बढ़कर 94.49 रुपये प्रति डॉलर पर

रुपये में शुक्रवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे मजबूत होकर 94.49 रुपये (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने और जोखिम लेने की धारणा में सुधार से रुपये को समर्थन मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, मजबूत विदेशी पूंजी प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से रुपये में मजबूती बने रहने की संभावना है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से रुपये की बढ़त सीमित रह सकती है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.53 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.46 के दिन के उच्चतम स्तर और 94.53 के निचले स्तर तक गया। रुपया अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.49 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव की तुलना में दो पैसे की मजबूती है।

रुपया बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और 22 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.51 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘सकारात्मक घरेलू बाजार, विदेशी पूंजी प्रवाह और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली से रुपये को समर्थन मिला।’’

रुपये में यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त है। बुधवार को रुपया 22 पैसे मजबूत होकर 94.73 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह 27 पैसे की बढ़त के साथ 94.95 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इससे पहले सोमवार और शुक्रवार को रुपया क्रमशः 21 पैसे और दो पैसे मजबूत हुआ था।

बाजारों में अधिक तरलता के चलते अप्रैल 2027 तक रेपो रेट 6 प्रतिशत पहुंचने की उम्मीद

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बाजार में अधिक तरलता के चलते रेपो रेट को अप्रैल 2027 तक बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर सकता है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

बंधन एएमसी की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के स्थिर आय वाले निवेशकों को बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव के बीच एक जटिल वातावरण का सामना करना पड़ रहा है, जो नीतिगत सामान्यीकरण में तेजी लाने की वकालत करता है और विदेशी मुद्रा प्रवाह से रुपए की तरलता में वृद्धि ने ओवरनाइट रेट्स को नीतिगत दरों से काफी नीचे धकेल दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तालमेल उस रफ्तार से बिठाया जाएगा जिस तेजी से आरबीआई नॉर्मलाइजेशन (सामान्य स्थिति में लौटने की प्रक्रिया) की कार्रवाई करेगा।

इसमें "ओवरनाइट रेट एंकर को पॉलिसी रेट के हिसाब से फिर से तय करना, मीडियम-टर्म में ज्यादा लिक्विडिटी को कैसे सोखा जाए, इस पर विचार करना और साथ ही बढ़ती महंगाई के दबाव को देखते हुए एमपीसी द्वारा रेपो रेट को सामान्य करने की रफ्तार पर विचार करना" शामिल हो सकता है।

फर्म ने कहा कि अभी लिक्विडिटी को सामान्य करने की रफ्तार के मामले में बहुत ज्यादा गुंजाइश नहीं है, क्योंकि अभी हालात में काफी गड़बड़ियां हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार को कुछ अस्थायी और स्थायी उपायों की उम्मीद है, जिनमें फॉरेक्स स्वैप, एमएसएस बॉन्ड, ओएमओ बिक्री और संभवतः सीआरआर में बढ़ोतरी शामिल हो सकती है।

रिपोर्ट में मिडिल ईस्ट में फिर से बढ़े तनाव के कारण ऊर्जा की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और कृषि उत्पादों सहित सभी तरह की कमोडिटीज पर व्यापक दबाव का जिक्र किया गया है।

मानसून असमान रहा है, जीडीपी ग्रोथ मजबूत रही है और भारत में क्रेडिट लगभग 18 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "इस तरह, वैश्विक और स्थानीय दोनों ही हालात महंगाई का दबाव बढ़ने की ओर इशारा कर रहे हैं, भले ही अब तक के आंकड़े आरबीआई के लिए राहत की बात रहे हों।"

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