अर्थतंत्र

अर्थतंत्र की खबरें: ईरान संकट के बीच भारत के पास कितना है कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पाद? और HDFC बैंक ने बदला ये नियम

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच भारत सरकार के शीर्ष सूत्रों ने आश्वस्त किया है कि देश के पास पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए 6 से 8 सप्ताह का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के मामले में भारत फिलहाल काफी हद तक सुरक्षित स्थिति में है। देश के पास लगभग 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार और 25 दिनों के पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक मौजूद है। इसमें वह मात्रा भी शामिल है जो जहाजों के जरिए भारत के बंदरगाहों की ओर आ रही है।

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से लगभग 50 प्रतिशत आपूर्ति मध्य-पूर्वी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के जरिए होती है। ईरान युद्ध के बाद इस मार्ग से तेल प्रवाह प्रभावित हुआ है।

हालांकि, भारत ने अपने तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाई है। अफ्रीका, रूस और अमेरिका से आयात बढ़ाया गया है और रणनीतिक भंडार बनाकर आपूर्ति को सुरक्षित किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि देश की तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के पास कई हफ्तों का स्टॉक है और उन्हें अलग-अलग मार्गों से लगातार आपूर्ति मिल रही है।

इसके अलावा, सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि बफर स्टॉक और मजबूत हो सके।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारत ने खाड़ी देशों के बाहर से भी बड़े पैमाने पर तेल आयात शुरू किया है, जिससे अब काफी मात्रा में आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं आती।

भारत के पास पुडुर में 2.25 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की भंडारण क्षमता है। विशाखापट्टनम में 1.33 एमएमटी और मैंगलुरु में 1.5 एमएमटी कच्चे तेल को स्टोर करने की क्षमता है। इसके अलावा समुद्री तट पर चांदीखोल में एक और रणनीतिक भंडार सुविधा बनाई जा रही है।

आपात स्थिति में देश इन रणनीतिक तेल भंडारों का उपयोग कर सकता है। वैश्विक कीमतों में तेज उछाल आने पर भी इन भंडारों से तेल निकालकर राष्ट्रीय तेल कंपनियों को राहत दी जा सकती है।

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मध्य पूर्व तनाव के चलते बढ़ी सोने की चमक, कीमतों में लगातार पांचवें दिन तेजी

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच मंगलवार को वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी दर्ज की गई।

सोमवार को एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 2.53 प्रतिशत बढ़कर 1,66,199 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.90 प्रतिशत गिरकर 2,80,090 रुपए प्रति किलोग्राम रही।

भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में होली के कारण मंगलवार को पहले सत्र में कारोबार बंद रहेगा और शाम 5 बजे से ट्रेडिंग फिर शुरू होगी।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका में महंगाई बढ़ने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक स्थिर रखने की आशंका भी बढ़ी है।

स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,360 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं, स्पॉट सिल्वर लगभग 1.9 प्रतिशत बढ़कर 91.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स 0.19 प्रतिशत बढ़कर 98.57 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर आधारित सोना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया और सोने की कीमतों में और तेजी पर कुछ रोक लगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक जरूरत होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब में तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी। इस बीच, इजरायल ने ईरान के कमांड केंद्रों को निशाना बनाते हुए 'हमलों की एक नई लहर' की घोषणा की।

ईरान के जवाबी हमलों से तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई को लेकर चिंता गहरा गई।

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एचडीएफसी बैंक ने बदला यूपीआई एटीएम निकासी का नियम, 1 अप्रैल से होगा लागू

भारत के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने कहा है कि अब यूपीआई के जरिए की जाने वाली कैश निकासी ग्राहकों की मासिक फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन लिमिट में ही गिनी जाएगी। बैंक के आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह नया नियम 1 अप्रैल से लागू होगा।

खाताधारकों को भेजे गए संदेश में बैंक ने बताया कि अब कार्डलेस यूपीआई कैश निकासी को अलग श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।

इसके बजाय, इसे डेबिट कार्ड से की जाने वाली सामान्य एटीएम निकासी के साथ जोड़ा जाएगा और उसी के आधार पर हर महीने मिलने वाली फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या तय होगी।

बैंक ने कहा, "जो ग्राहक निर्धारित फ्री लिमिट से अधिक निकासी करेंगे, उनसे सामान्य एटीएम शुल्क लिया जाएगा।"

यूपीआई आधारित एटीएम निकासी सुविधा से ग्राहक बिना डेबिट कार्ड के भी कैश निकाल सकते हैं। इसके लिए एटीएम स्क्रीन पर दिखने वाले डायनेमिक क्यूआर कोड को स्कैन करना होता है और फिर यूपीआई ऐप के जरिए सुरक्षित तरीके से ट्रांजैक्शन की पुष्टि करनी होती है।

कार्डलेस कैश सुविधा देश भर के बैंकों में शुरू की गई है, ताकि डिजिटल पेमेंट और नकद निकासी के बीच की दूरी को कम किया जा सके।

फिलहाल एचडीएफसी बैंक के सामान्य बचत और सैलरी खातों के लिए उसके एटीएम से हर महीने पांच बार मुफ्त कैश निकासी की सुविधा मिलती है।

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