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अर्थतंत्र की खबरें: बाजार में लौटी रौनक, निफ्टी 0.34% उछला और 28 सितंबर की बैंक हड़ताल पर SBI ने लिया यह बड़ा फैसला!

हाल की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को बैंकिंग, तेल एवं गैस तथा वाहन कंपनियों में निचले स्तर पर खरीदारी आने से घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 315 अंक उछल गया जबकि निफ्टी में 77 अंक का सुधार आया।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

पिछले दिन की बड़ी गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स में 0.43 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।

पश्चिम एशिया में लगातार हमलों के बावजूद अमेरिका-ईरान युद्धविराम की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में गिरावट के चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक दिन के उच्च स्तर पर बंद हुए।

सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत बढ़कर 73,895.74 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी 50 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढकर 23,140.50 पर पहुंच गया।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,580.54 से मामूली 54.61 अंक गिरकर 73,525.92 पर खुला और दिन के सत्र में इसने 387.51 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,968.05 का उच्चतम स्तर छुआ।

वहीं, निफ्टी अपने पिछले बंद 73,968.05 से 28 अंक यानी 0.12 प्रतिशत गिरकर 23,035 पर खुला और इंट्रा-डे ट्रेडिंग में इसने 99.60 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,162.70 का उच्चतम स्तर छुआ।

इस दौरान, व्यापक बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.14 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी सीमेंट, निफ्टी मीडिया, निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी50 में एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, टाइटन और इंडिगो के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि मैक्स हेल्थ, टीएमपीवी, इंफोसिस, ओएनजीसी और ट्रेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर पर बने रहने के कारण बाजार में रिकवरी सीमित रही। महंगाई, विदेशी फंड की निकासी और उभरते बाजारों (ईएम) की करेंसी पर दबाव की चिंताएं बनी रहीं। हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से बाजार का रुख सकारात्मक बना रहा, हालांकि बढ़त एक सीमित दायरे तक ही सीमित रही।

एसबीआई का बड़ा कदम, बैंक हड़ताल अवधि में 28 से 30 सितंबर तक नहीं लगेगा एटीएम लेनदेन पर शुल्क

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल को ध्यान में रखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 28-30 सितंबर तक की अवधि में सभी एटीएम लेनदेन को नि:शुल्क कर दिया है। बैंक ने यह कदम ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया है, जिससे हड़ताल की अवधि में लेनदेन करने में कोई परेशानी न हो।

एसबीआई की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की गई पोस्ट में बताया गया कि प्रस्तावित हड़ताल के दौरान भी आपकी बैंकिंग जरूरतों के लिए एसबीआई की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

पोस्ट में बताया कि बैंकिंग सेवाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए एसबीआई प्रतिबद्ध है। इसके तहत 28 से 30 सितंबर, 2026 तक एटीएम शुल्क माफ रहेगा। ग्राहकों द्वारा किसी भी बैंक के एटीएम के माध्यम से लेनदेन करने पर कोई शुल्क नहीं लेगा।

बैंक ने आगे कहा कि हड़ताल के चलते ग्राहकों की सुविधाओं के लिए सभी ब्रांच रविवार को भी खुली रहेंगी।

इसके अलावा, हड़ताल की अवधि में यूपीआई, आईएमपीएस, आटीजीएस और एनईएफटी भुगतान जैसी ऑनलाइन भुगतान की सुविधाएं यथावत जारी रहेंगी।

इससे पहले बुधवार को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 28 से 30 सितंबर, 2026 तक तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल बुलाई है। यह हड़ताल 26 और 27 सितंबर की वीकेंड की छुट्टियों के ठीक बाद हो रही है, इसलिए सरकार ने नागरिकों की बैंकिंग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही जरूरी कदम उठाए हैं।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे चढ़कर 95.80 पर

वैश्विक स्तर पर जोखिम धारणा में सुधार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप के बीच शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे की बढ़त के साथ 95.80 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि स्थानीय आयातकों की ओर से डॉलर की मांग, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने रुपये की बढ़त को सीमित किया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.92 पर खुला। कारोबार के दौरान रुपया फिसलकर 95.94 के निचले स्तर तक आ गया, लेकिन बाद में इसने वापसी की और पिछले बंद भाव के मुकाबले 19 पैसे की बढ़त दर्ज करते हुए 95.80 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे टूटकर 95.99 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ''होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित चरणबद्ध समझौते को लेकर बनी सकारात्मक उम्मीद तथा वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार से रुपये में बढ़त का रुख बने रहने की उम्मीद है।''

उन्होंने कहा, ''कच्चे तेल की गिरती कीमतें और कमजोर डॉलर निचले स्तरों पर रुपये को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए तनाव से ऊंचे स्तरों पर रुपये पर दबाव आ सकता है। ''

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