
सूचना प्रौद्योगिकी और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 330 अंक लुढ़क गया। वहीं एनएसई निफ्टी 23,350 अंक के नीचे आ गया।
वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल के दाम में नरमी के बावजूद घरेलू शेयर बाजार नुकसान में रहे।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 74,529.08 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 435.28 अंक की गिरावट के साथ 74,423.71 अंक पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,329 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही।
वहीं, लाभ में रहने वाले शेयरों में इटर्नल, इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन और टाटा स्टील शामिल हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.67 प्रतिशत टूटकर 98.66 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक माहौल में सुधार के बावजूद घरेलू बाजार की धारणा कमजोर रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बॉण्ड पर प्रतिफल में कमी से माहौल को कुछ समर्थन मिला, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों में सुधार भारतीय शेयरों में तेजी में तब्दील नहीं हो सका।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), वित्तीय और उपभोक्ता वस्तुओं के शेयरों में व्यापक बिकवाली से घरेलू बाजार दबाव में रहे।’’
प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में बीएसई में हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज 2.23 प्रतिशत, टीसीएस 1.13 प्रतिशत, इन्फोसिस 0.98 प्रतिशत, एचसीएल टेक 0.80 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 0.51 प्रतिशत नुकसान में रहे।
ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म नोमुरा के ग्लोबल मैक्रो रिसर्च प्रमुख रॉब सुब्बारमन ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि महंगाई का दबाव बढ़ने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आने वाली दोनों मौद्रिक नीति बैठकों (अक्टूबर और दिसंबर) में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है। नोमुरा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि आने वाले महीनों में महंगाई 6 प्रतिशत के पार जा सकती है।
सुब्बारमन ने कहा कि भारत के पास वैश्विक निवेश आकर्षित करने और वैश्विक वैल्यू चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाएं हैं।
भारत के पास विभिन्न क्षेत्रों में बड़े अवसर हैं, लेकिन अगर अमेरिका और उत्तर-पूर्व एशिया में एआई निवेश की कहानी बहुत मजबूत बनी रहती है, तो कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में भारत पीछे रह सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत अधिक पूंजी आकर्षित कर सकता है। एफसीएनआर-बी जमा में उम्मीद से बेहतर प्रवाह देखने को मिला है और मजबूत भुगतान संतुलन अधिशेष की भी संभावना है।
सुब्बारमन ने बताया कि बाजारों की नजर संयुक्त राष्ट्र महासभा में होने वाली कूटनीतिक गतिविधियों और इस सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित बैठक पर है।
वैश्विक मौद्रिक नीति पर सुब्बारमन ने कहा कि इस साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कम से कम एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो संभवतः दिसंबर में हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है तो दरों में और बढ़ोतरी का जोखिम है। उन्होंने कहा कि एफओएमसी के ताजा अनुमान व्यापक रूप से सख्त मौद्रिक नीति की दिशा की ओर संकेत करते हैं। 18 नीति निर्माताओं में से 12 ने इस साल एक और दर बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है, जबकि चार ने दो और बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है और केवल दो ने आगे किसी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं की है।
अमेरिकी फेड ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर इसे 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में कर दिया था।
सोने और चांदी मंगलवार को सपाट खुले और शुरुआत कारोबार में दोनों कीमती धातु एक सीमित दायरे में बने हुए थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,53,094 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,53,497 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 10 बजे यह 36 रुपये या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,53,058 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,53,005 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,53,497 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी का 4 दिसंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,39,317 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 2,40,529 रुपये प्रति किलो पर खुला।
खबर लिखे जाने तक यह 238 रुपये या 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,39,555 रुपये प्रति किलो पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,39,400 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,40,529 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। कॉमेक्स पर सोना 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,347 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.15 प्रतिशत की मजबूती के साथ 66 डॉलर प्रति औंस पर थी।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा में सुधार के बीच अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मंगलवार को 20 पैसे मजबूत होकर 95.58 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि ईरान के सात दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की खबरों के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। खबरों में कहा गया था कि अगर अमेरिका अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाता है और ईरान पर सैन्य दबाव कम करता है तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य खोल सकता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.75 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.55 के स्तर तक पहुंच गया।
कारोबार के अंत में रुपया 95.58 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 20 पैसे की बढ़त है। रुपया सोमवार को 18 पैसे मजबूत होकर 95.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा में सुधार और अमेरिका-ईरान युद्ध के समाधान के लिए कूटनीतिक वार्ता की उम्मीदों से रुपये में सकारात्मक रुख बना रह सकता है।
उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.30 से 95.80 के दायरे में रहने के आसार हैं।’’
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए