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अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट और सोने की चमक भी पड़ी फीकी, चांदी के दाम थमे

घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबार के अंतिम घंटे में बिकवाली से गिरावट रही। दोनों मानक सूचकांक में... बीएसई सेंसेक्स 539 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 117 अंक नीचे आया।

फाइल फोटोः सोशल मीडिया
फाइल फोटोः सोशल मीडिया 

पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान मेटल, पीएसयू बैंकों और सीमेंट के शेयरों में गिरावट के चलते घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों निफ्टी और सेंसेक्स में 0.70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 539.35 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 76,933.59 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी50 116.90 अंक यानी 0.48 प्रतिशत गिरकर 24,090.85 पर आ गया।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी सीमेंट में सबसे ज्यादा 1.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.94 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 89 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.86 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.51 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी प्राइवेट बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया।

निफ्टी50 इंडेक्स में अदाणी इंटरप्राइजेस, कोटक महिंद्रा बैंक, अदाणी पोर्ट्स, सिप्ला और बीईएल के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई और ये दिन के टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि हिंडाल्को, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और रिलायंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई और ये शीर्ष नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि एक्सपायरी की वजह से होने वाली उठा-पटक और मिडिल ईस्ट में किसी कूटनीतिक सफलता की कमी के चलते फिलहाल बाजार एक दायरे में ही बने हुए हैं। हालांकि कंपनियों की कमाई के अनुमानों में ऊर्जा की ऊंची कीमतों का असर काफी हद तक शामिल है, लेकिन हाल ही में कच्चे तेल की कीमतों और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में आई कमी से महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद बनी है।

एचडीएफसी बैंक पर अमेरिका में क्लास-एक्शन मुकदमा, शेयर फिसले

देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक पर न्यूयॉर्क में फेडरल सिक्योरिटी क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया है। बैंक पर आरोप है कि उसने एक कवर्ट स्कीम के तहत एक राज्य सरकार की एजेंसी को ब्याज के रूप में दी जाने वाली अतिरिक्त रकम को मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाकर ब्याज भुगतान को अवैध तरीके से बढ़ाया।

निवेशक ज्वलंत नटवरलाल सोनेजी ने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में यह मुकदमा दायर किया है। इसमें एचडीएफसी बैंक के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशिधर जगदीशन और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) श्रीनिवासन वैद्यनाथन को भी प्रतिवादी बनाया गया है। यह मुकदमा उन सभी निवेशकों की ओर से दायर किया गया है, जिन्होंने 17 जुलाई 2023 से 26 मई 2026 के बीच एचडीएफसी बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी शेयर (एडीएस) खरीदे थे।

मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि एचडीएफसी बैंक ने बड़े जमा आकर्षित करने के लिए महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) को 6.01 प्रतिशत ब्याज दर देने का वादा किया था। यह आम ग्राहकों को मिलने वाली 3.5 प्रतिशत की मानक बचत दर से 2.51 प्रतिशत अधिक थी और यह कथित तौर पर आरबीआई के नियमों का उल्लंघन था।

आरबीआई के बैंकिंग नियम व्यक्तिगत जमाकर्ताओं को बातचीत के आधार पर अलग रिटर्न देने पर स्पष्ट रूप से रोक लगाते हैं, इसलिए वरिष्ठ प्रबंधन ने कथित तौर पर इसका एक वैकल्पिक रास्ता निकाला।

मुकदमे के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच एचडीएफसी बैंक ने करीब 45 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ब्याज राज्य की इस एजेंसी को दिया। आरोप है कि इस रकम को ब्याज के रूप में जमा करने के बजाय मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया और इसे एमएसआरडीसी द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को प्रायोजित करने में इस्तेमाल किया गया। यह भुगतान कथित तौर पर तीसरे पक्ष के विक्रेताओं के माध्यम से किया गया।

बैंक की एक आंतरिक सतर्कता जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि यह तरीका आरबीआई के मास्टर निर्देशों के साथ-साथ एचडीएफसी की आंतरिक रिश्वत-रोधी नीतियों का उल्लंघन करता है।

सोना 800 रुपये और टूटा, चांदी स्थिर

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। स्थानीय बाजारों में रक्षाबंधन के त्योहार से पहले सोने की कीमत 800 रुपये टूटकर 1,65,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार को 1,66,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमत 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रही।

सोने की कीमतों में यह गिरावट रक्षाबंधन से एक दिन पहले आई है, जब आम तौर पर लोग उपहार और गहने ज्यादा खरीदते हैं। शुक्रवार को मनाए जाने वाले इस त्योहार पर भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देते हैं और त्योहार की खरीदारी में सोने-चांदी के गहनों की अहम भूमिका होती है।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में उछाल के कारण भी सोने की कीमतों में गिरावट आई।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि बृहस्पतिवार को हाजिर सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि उम्मीद से अधिक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में सुधार का असर सोने पर पड़ा।

मंगलवार को सोने की कीमत 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने के बाद, पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 1,400 रुपये की गिरावट आई है। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,585.88 डॉलर प्रति औंस रहा।

रुपया 11 पैसे टूटकर 95.55 रुपये प्रति डॉलर पर

अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख के बीच रुपये ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और बृहस्पतिवार को कारोबार के अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 95.55 (अस्थायी) पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक बाजार में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिले समर्थन को बेअसर कर दिया।

ईरान और ओमान के बीच जलडमरूमध्य से होकर अस्थायी नौवहन गलियारा बनाने को लेकर जारी बातचीत के बीच ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत कई कारोबारी सत्रों में पहली बार 90 डॉलर के स्तर से नीचे आई है।

कारोबारियों ने बताया कि हालांकि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत जारी रहने से वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका कम हुई है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.50 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.40 के उच्च स्तर तक गया और 95.56 के निचले स्तर तक आया। अंत में यह 95.55 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से 11 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। ‘ईद-ए-मिलाद’ के अवसर पर बुधवार को भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार बंद था।