
सोमवार की मामूली रिकवरी के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में फिर गिरावट दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर सोना कारोबार के दौरान 1,508 रुपये और चांदी 5,667 रुपये तक टूट गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 1.05 प्रतिशत और चांदी 3.22 प्रतिशत नीचे कारोबार करती दिखी।
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ऊंची ब्याज दरों की आशंका से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को मामूली सुधार के बाद मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं के भाव फिर नीचे आ गए। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोना 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे पहुंच गया, जबकि चांदी कारोबार के दौरान 5,667 रुपये तक टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,40,186 रुपये के मुकाबले 766 रुपये यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,39,420 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान इसकी कीमत और नीचे गई। एक समय सोना 1,508 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 1,38,678 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया।
चांदी में गिरावट और ज्यादा रही। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 1,83,779 रुपये से 892 रुपये यानी 0.48 प्रतिशत फिसलकर 1,82,887 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। दिन के कारोबार में यह 5,667 रुपये यानी 3.08 प्रतिशत टूटकर 1,78,112 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में भी दोनों धातुओं की कीमतें कमजोर रहीं। सोना करीब 1.05 प्रतिशत गिरकर 3,928 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 3.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59.25 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से पहले निवेशक भी सतर्क हैं और फिलहाल बाजार में जोखिम लेने की इच्छा सीमित बनी हुई है। यही वजह है कि सोमवार की रिकवरी के बाद भी बाजार में मजबूत खरीदारी नहीं दिखी।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी आमतौर पर सोने को सहारा देती है, लेकिन फेड की नीतिगत सख्ती और ऊंची ब्याज दरों की आशंका इस समर्थन पर भारी पड़ रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंता भी बनी हुई है। हालांकि, बाजार अब दिसंबर में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना को पहले के मुकाबले कुछ कम मान रहा है, लेकिन अनिश्चितता बरकरार है।
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोने के लिए 1.37 लाख से 1.38 लाख रुपये का दायरा अहम सपोर्ट जोन है। वहीं, 1.40 लाख से 1.41 लाख रुपये का स्तर इसके लिए रेजिस्टेंस माना जा रहा है। चांदी के मामले में 1.78 लाख से 1.80 लाख रुपये का क्षेत्र सपोर्ट जोन है, जबकि 1.86 लाख से 1.88 लाख रुपये का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली है। ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बाद तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल के भाव में गिरावट आई है। हालांकि, भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं। फिलहाल सोने-चांदी की आगे की चाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
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