
टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उनका यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली कंपनी की वार्षिक आम बैठक से पहले सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है। इसके बाद भी चेयरमैन के पद पर बने रहने के लिए उनकी दोबारा नियुक्ति जरूरी होती।
फिलहाल चंद्रशेखरन के तुरंत पद छोड़ने की संभावना नहीं है। बताया जा रहा है कि वह फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल को पूरा कर सकते हैं। ऐसे में टाटा सन्स में तत्काल नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति नहीं बनेगी।
चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब टाटा सन्स के शेयरहोल्डर्स और टाटा ट्रस्ट के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। इनमें टाटा सन्स के बोर्ड में प्रतिनिधित्व, समूह की भविष्य की रणनीति और अल्पांश शेयरहोल्डर शापूरजी पल्लोनजी समूह से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्ट्स में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा और एन चंद्रशेखरन के बीच मतभेद की बात भी कही गई है। सूत्रों के मुताबिक, नोएल टाटा कथित तौर पर चंद्रशेखरन को दोबारा टाटा सन्स का चेयरमैन बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे।
अगर चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल में बने रहते हैं, तो टाटा समूह को अगले चेयरमैन के चयन के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद टाटा सन्स के भविष्य के नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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