
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से जुड़ी एक परंपरा को तोड़ दिया है। निर्मला सीतरमण ने पहली बार ब्रीफकेस वाली परंपरा तोड़ दी है। आपने बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्रियों को हाथ में लाल रंग का ब्रीफकेस लेकर संसद भवन जाते हुए हमेशा देखा होगा। लेकिन पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हाथों में लाल रंग का ब्रीफकेस की जगह लाल रंग का मखमली पैकेट था। निर्मला सीतारमण ने अभी तक चली आ रही प्रथा को पूरी तरह बदल दिया। इसे बजट नहीं बल्कि बहीखाता कहा गया।
दरअसल, हर बार वित्त मंत्री ब्रीफकेस में बजट के दस्तावेज लेकर आते हैं लेकिन इस बार सीतारमण लाल कपड़े में लिपटा बहीखाता लेकर आई हैं। इस पर भारत का राष्ट्र चिन्ह बना हुआ था और इसे लाल-पीले रिबन से बांधा गया था।
गौरतलब है कि ब्रिटिशकाल से ही भारत में बजट ब्रीफकेस में पेश किया जाता रहा है लेकिन आखिरकार ये परंपरा टूट गई है। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि ब्रीफकेस पाश्चात्य परंपरा है, “बहीखाता हमारी परंपरा है। हम आखिरकार गुलामी की परंपराओं से आगे बढ़े हैं।”
भारत में बजट और वित्त मंत्री के रेड सूटकेस के बीच का रिश्ता बहुत पुराना है। यह रिश्ता साल 1860 में बना। उस समय से लाल रंग का सूटकेस वित्त मंत्री दिखा रहे हैं। दरअसल, 1860 में ब्रिटेन के चांसलर ऑफ दी एक्सचेकर चीफ विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन ने पहली बार भारत का बजट पेश किया था।
इतने सालों में इस बैग का आकार लगभग बराबर ही रहा। हालांकि, इसका रंग कई बार बदला है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 में परिवर्तनकारी बजट पेश किया तो वह काला बैग लेकर पहुंचे थे। जवाहरलाल नेहरू, यशवंत सिन्हा भी काला बैग लेकर बजट पेश करने पहुंचे थे, जबकि प्रणब मुखर्जी लाल ब्रीफकेस के साथ पहुंचे थे। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के हाथों में ब्राउन और रेड ब्रीफकेस दिखा था। इस साल अंतरिम बजट पेश करने वाले कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल लाल ब्रीफकेस के साथ सदन में पहुंचे थे।
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Published: 05 Jul 2019, 10:55 AM IST