
EMI पर RBI का फैसला अस्पष्ट और अधूरा, चिदंबरम ने उठाए ये सवाल
कोरोना संकट के मद्देनजर आरबीआई रेपो रेट में कटौती के फैसले का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने स्वागत किया है। इसके साथ ही मासिक ईएमआई लेकर आरबीआई की सलाह पर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मैं रेपो रेट में कटौती के आरबीआई के फैसले और नकदी के लिए उठाए कदमों का स्वागत करता हूं। लेकिन ईएमआई की तिथि आगे बढ़ाने पर आरबीआई का निर्देश अस्पष्ट है। ऐसा लगता है कि यह अधूरे मन से किया गया है। सभी ईएमआई के भुगतान की तिथियां स्वत: आगे बढ़नी चाहिए।’’ चिदंबरम के मुताबिक मैंने सुझाव दिया था कि सभी तिथियों को 30 जून तक बढ़ाया जाए। अब कर्ज लेने वालों को बैंकों पर निर्भर बना दिया गया है और वे निराश होंगे।
कोरोना से इकोनॉमी को लगेगा तगड़ा झटका, मूडीज ने भारत के GDP में सिर्फ 2.5% ग्रोथ का लगाया अनुमान
कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से इकोनॉमी को लगातार नुकसान हो रहा है। ऐसे में रेटिंग एजेंसियां दुनिया सहित भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटाती जा रही हैं। मूडीज ने भारत के जीडीपी अनुमान को कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए 5.3 फीसदी से घटाकर महज 2.5 फीसदी कर दिया है।
ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने पहले भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में बढ़त 5.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। कोरोना वायरस संकट को लेकर मूडीज का कहना है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगेगा। मूडीज ने कहा है कि साल 2019 के लिए देश की जीडीपी वृद्धि 5 फीसदी के आसपास रह सकती है।
इकोनॉमी के लिए RBI ने किया 3.74 लाख करोड़ की नकदी का इंतजाम
भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से इस बार मौद्रिक नीति समीक्षा पहले ही पेश कर दी जिसे अप्रैल में होना था। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में भारी कटौती करते हुए सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालने की भी बात कही है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के अभूतपूर्व हालात को देखते हुए केंद्रीय बैंक को कुछ असाधारण कदम उठाने पड़ रहे हैं। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की ऐतिहासिक कटौती की है और रिवर्स रेपो रेट में भी 90 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है।
रिजर्व बैंक अपने तरलता समायोजन सुविधा यानी LAF के द्वारा बैंकिंग तंत्र में नकदी का प्रवाह बनाए रखता है। इसके लिए वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) या कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) की जरूरत में बदलाव या रेपो-रिवर्स रेपो रेट में बदलाव किया जाता है।
कोरोना के दौर में काम करने का इनाम, यह कंपनी अपने कर्मचारियों को देगी 25 फीसदी ज्यादा सैलरी
कोरोना के प्रकोप के बीच राहत के उपायों के तहत आईटी कंपनी कॉग्निजैंट भारत और फिलीपींस में अपने करीब दो-तिहाई कर्मचारियों को अगले महीने 25 फीसदी अतिरिक्त सैलरी देगी। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि एसोसिएट और उससे नीचे के स्तर के कर्मचारियों को अप्रैल महीने के लिए 25 फीसदी का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। इससे भारत में कंपनी के करीब 1.30 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
आईटीसी ने 150 करोड़ के कोविड कंटीजेंसी फंड की स्थापना की
एफएमसीजी कंपनी आईटीसी ने महामारी से प्रभावित समाज के कमजोर वर्गों के लिए 150 करोड़ रुपये की कोविड कंटीजेंसी फंड की स्थापना की है। आईटीसी ने अपने बयान में कहा कि इस फंड का उपयोग मुख्य रूप से समाज के कमजोर और सबसे जरूरतमंद वर्गों को राहत देने के लिए किया जाएगा, जो महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और जिनको आजीविका में महत्वपूर्ण व्यवधान का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, यह फंड जिला प्राधिकरणों का सहयोग करेगा, ताकि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचने वाली जिला स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा इको-सिस्टम को सहायता प्रदान की जा सके।
इसके अलावा, यह भी उल्लेख किया गया कि इस फंड के तहत संसाधनों का प्रयोग धरातल पर काम कर रहे उन लोगों की भलाई के लिए किया जाएगा, जो लोगों तक दवा, राशन का सामान, अन्य आवश्यक वस्तुओं, कृषि-वस्तुओं को पहुंचाने का सराहनीय काम कर रहे हैं।
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