
कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा एक बार फिर दर्शकों को हंसाने और एंटरटेन करने के लिए तैयार हैं। उनके पॉपुलर कॉमेडी शो 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का पांचवां सीजन जल्द ही दर्शकों के बीच लौटने वाला है। करीब छह महीने के ब्रेक के बाद शो की वापसी हो रही है और इस बार इसकी शुरुआत ही फेस्टिव सीजन के साथ होने वाली है। ऐसे में दीपावली और क्रिसमस जैसे त्योहारों के मौके पर कपिल और उनकी पूरी टीम दर्शकों के लिए हंसी और मस्ती से भरपूर नए एपिसोड लेकर आएगी।
करीब छह महीने के ब्रेक के बाद शो की वापसी को लेकर कपिल शर्मा काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ''हर सीजन के दौरान मुझे लगता है कि मैंने अब काफी मस्ती कर ली है, लेकिन फिर एहसास होता है कि अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। शायद यही चीज मुझे और मेरी टीम को लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।''
कपिल ने कहा, ''हम आने वाले फेस्टिव सीजन को दर्शकों के साथ मनाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मैं नेटफ्लिक्स पर 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' को दुनियाभर में मिले प्यार के लिए दर्शकों का शुक्रिया अदा चाहता हूं। इस बार हम दीवाली हो या क्रिसमस, पूरे उत्साह के साथ सेलिब्रेट करेंगे। बस लिफाफे अर्चना जी से दूर रखिए, बाकी हम हंसी का त्योहार तो लेकर आ ही रहे हैं।''
अभिनेत्री आलिया भट्ट ने मां सोनी राजदानी की फिल्म 'ओम का हरी' की स्पेशल स्क्रीनिंग में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता महेश भट्ट से जुड़ा बचपन का एक किस्सा शेयर किया।
अभिनेत्री ने बताया कि उनके पिता काफी मजाकिया व्यक्ति हैं, जिस वजह से उनके साथ कई मजेदार यादें जुड़ी हैं। अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा, "जब मैं फर्स्ट क्लास में थी, तब मेरा स्पेलिंग टेस्ट था और मुझे डर लगता था कि मैं 'द' शब्द की स्पेलिंग कहीं भूल न जाऊं। पापा ने ये बात मेरे दिमाग में बैठाने के लिए बहुत बड़ा ड्रामा किया, ताकि मैं स्पेलिंग कभी न भूलूं। मुझे आज भी याद है कि वह उस समय एक बड़े भालू की तरह, बहुत ही नाटकीय और मनोरंजक लग रहे थे।"
फिल्म 'ओम का हरि' भी पिता और बेटे के रिश्ते की उलझनों को दिखाती है। इसे कॉमेडी और ड्रामा के जरिए बताया गया है कि परिवार में कई बार ऐसी बातें होती हैं जो कह पाना मुश्किल होता है।
फिल्म का निर्देशन हरीश व्यास ने किया है। इसमें ओम और हरि के मुख्य किरदारों में अंशुमान झा और रघुबीर यादव नजर आएंगे।
अभिनेत्री अमिषा पटेल ने भारतीय त्योहारों और पारंपरिक कपड़ों के प्रति अपने लगाव के बारे में बात की। अभिनेत्री का मानना है कि त्योहार जिंदगी में खुशी और सकारात्मकता लेकर आते हैं।
अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें त्योहार बहुत पसंद हैं, खासकर दिवाली, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि। उन्होंने कहा, "मुझे दिवाली, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि बहुत पसंद हैं और इनमें बहुत मजा आता है।"
एक्ट्रेस ने त्योहारों से जुड़ी पॉजिटिव एनर्जी के बारे में भी बात की और इसे नई शुरुआत और नए अवसरों का समय बताया। अमीषा ने कहा, "पॉजिटिव वाइब्स, अच्छे काम की नई शुरुआत। मुझे लगता है सब कुछ अच्छा होगा।"
अभिनेत्री ने आगे बातचीत में कहा कि फेस्टिवल में पारंपरिक कपड़े पहनने से माहौल और भी खुशनुमा हो जाता है। उन्होंने कहा, "त्योहार घर में खुशहाली लेकर आते हैं और ऐसे में पारंपरिक वस्त्र पहनने से पर्व का मजा दो गुना हो जाता है।"
रवीना टंडन और गोविंदा की जोड़ी 90 के दशक की उन ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में से एक रही है, जिसे आज भी दर्शक याद करते हैं। दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया और उनकी कॉमेडी, डांस और जबरदस्त टाइमिंग ने पर्दे पर खूब रंग जमाया है। अब एक बार फिर से रवीना टंडन उन पुराने दिनों को याद करती नजर आएंगी।
अभिनेत्री 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' के सेमीफाइनल एपिसोड में स्पेशल गेस्ट के तौर पर पहुंची, जहां उन्होंने गोविंदा के साथ अपनी दोस्ती, काम और फिल्म 'दूल्हे राजा' से जुड़ी दिलचस्प कहानी बताई।
रवीना ने कहा, ''मैं गोविंदा के साथ एक स्टोर की ओपनिंग के लिए कलकत्ता गई थीं। इसी दौरान गोविंदा ने मुझसे कहा कि दोनों को साथ में एक फिल्म जरूर करनी चाहिए। गोविंदा ने अपनी एक फिल्म का जिक्र करते हुए मेरे साथ काम करने की बात कही। इसके बाद हम दोनों ने फिल्म शुरू करने से पहले मंदिर जाने का फैसला किया।''
गोविंदा के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में बात करते हुए रवीना ने कहा, ''करिश्मा कपूर और मेरे अलावा, मुझे नहीं लगता कि कोई दूसरी एक्ट्रेस गोविंदा के साथ इतनी शानदार जोड़ी बना पाई है। गोविंदा का डांस करने का अंदाज और उनकी कॉमेडी टाइमिंग काफी खास है। मैंने खुद गोविंदा से कॉमेडी की टाइमिंग सीखी है।''
टीवी पर 'जस्सी जैसी कोई नहीं' की सीधी-सादी और आम लड़की से लेकर '3 इडियट्स', 'लाल सिंह चड्ढा', 'मेड इन हेवन' और 'कोहरा सीजन 2' जैसे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स तक अभिनेत्री मोना सिंह ने लगातार खुद को नए अंदाज में पेश किया है। उन्होंने समय के साथ अपने काम को लेकर ऐसे फैसले भी लिए, जिनकी वजह से उनकी करियर की दिशा बदली। अब अभिनेत्री ने अपने इस सफर पर खुलकर बात की है और बताया है कि उनके करियर को बनाने में इंडस्ट्री और उनके खुद के फैसलों की क्या भूमिका रही।
मोना सिंह ने कहा, ''किसी भी कलाकार का करियर सिर्फ इंडस्ट्री तय नहीं करती। इंडस्ट्री कलाकार को काम करने के लिए स्क्रिप्ट, प्लेटफॉर्म और मौके देती है, लेकिन उन मौकों में से क्या चुनना है और क्या छोड़ना है, यह फैसला कलाकार का अपना होता है। मेरे हिसाब से 40 प्रतिशत हिस्सा इंडस्ट्री का है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत मैं खुद तय करती हूं कि कौन से प्रोजेक्ट्स करने हैं और कौन से किरदार चुनने है। मेरे लिए सही प्रोजेक्ट चुनना उतना ही जरूरी रहा है, जितना किसी प्रोजेक्ट को हां कहना।''
अपने शुरुआती करियर को याद करते हुए मोना ने 'जस्सी' के दौर की बात की। उन्होंने कहा, ''उस समय मेरे आसपास कई ऐसे फैसले लिए जा रहे थे, जिनमें मेरी अपनी पसंद की भूमिका कम थी। 'जस्सी जैसी कोई नहीं' की सफलता के बाद दर्शकों के बीच मेरी एक खास छवि बन गई थी। लोग मुझे एक ऐसी लड़की के रूप में देखने लगे थे, जो बिल्कुल अपने घर या आसपास की आम लड़की जैसी लगती है। इसके बाद मुझे ज्यादातर ऐसे ही किरदार और शो ऑफर किए जा रहे थे। उस समय मेरे पास अपनी पहचान को एक अलग दिशा में ले जाने के लिए ज्यादा विकल्प नहीं थे।''
उन्होंने कहा, ''मेरे करियर में असली बदलाव तब आया, जब मैंने ऑफर्स को लेकर 'ना' कहना शुरू किया। मैंने करीब 90 प्रतिशत शो के ऑफर इसलिए छोड़ने शुरू किए, क्योंकि मैं सिर्फ लगातार काम करते रहने के बजाय ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना चाहती थीं, जो मुझे कलाकार के तौर पर आगे ले जाए।''
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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