
बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में समयपालन, जवाबदेही और कार्यसंस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। यह व्यवस्था पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होगी। यह जानकारी एक सरकारी आदेश से मिली।
Published: undefined
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एक जून को जारी आदेश के अनुसार, बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (बीबीएएस) के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों की हाजिरी दर्ज की जाएगी। इसके अनुसार सरकार का उद्देश्य कार्यालयों में कर्मियों का समय पर आना सुनिश्चित करना, जवाबदेही बढ़ाना एवं सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाना है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के कार्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बीबीएएस के माध्यम से ही अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसमें कहा गया है कि इससे उपस्थिति का वास्तविक और डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा एवं मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम होगी।
Published: undefined
इसमें कहा गया है कि राज्य में लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर आने को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। इसके अनुसार विभिन्न विभागों में देर से आने और समय से पहले कार्यालय छोड़ने की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार, निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं देर से आने की स्थिति में अवकाश समायोजन या वेतन कटौती जैसे कदम भी उठाए जा सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी बायोमेट्रिक उपस्थिति के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। इससे फर्जी उपस्थिति और कार्य में लापरवाही की संभावनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
Published: undefined
निर्देश में कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। प्रत्येक माह कार्यालय प्रमुखों को कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रिंट आउट तैयार करके उपलब्ध कराना होगा, ताकि विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके।
सरकार ने बायोमेट्रिक मशीन की कार्यशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। जिन कार्यालयों में मशीन खराब हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जिन कार्यालयों में अभी तक मशीन स्थापित नहीं हुई हैं, वहां शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये अधिकारी जिले में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संचालन और अनुपालन की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारियों को भी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने एवं किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined