
कांग्रेस नेता और एआईसीसी के पूर्व सचिव गिरीश चोडनकर ने मंगलवार को कहा कि यह अच्छा है कि बीजेपी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को एक नेता के रूप में अपनाया, लेकिन देश को एकजुट करने के लिए उनकी विचारधारा को अपनाने में विफल रही है। कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य चोडनकर पटेल को उनकी जयंती और इंदिरा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए बोल रहे थे।
चोडनकर ने कहा,"यह अच्छा लगता है कि बीजेपी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को अपनाया (उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में घोषित करके), आज बीजेपी उन्हें एक बड़ा नेता बना रही है, मुझे अच्छा लग रहा है, क्योंकि बीजेपी के पास ऐसे कोई नेता नहीं थे। इसलिए वे हमारे नेताओं को अपना रहे हैं, लेकिन मुझे दुख है कि पटेल की विचारधारा उन्होंने नहीं अपनाई।''
चोडनकर के अनुसार, बीजेपी देश के लोगों को एकजुट करने और शांति लाने में विफल रही है। उन्होंने कहा, ''मैं बीजेपी से देश की भलाई के लिए सरदार पटेल की विचारधारा को अपनाने का आग्रह करता हूं।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि इंदिरा गांधी ने गरीबों और दलितों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। उन्होंने कहा, "इस प्रकार गरीबी मिटाने की क्रांति शुरू हुई। उन्होंने बैंकों और बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया, ताकि वे लोगों को लाभ पहुंचा सकें। लेकिन आज सरकार बिल्कुल विपरीत कर रही है, इसमें देश का धन निजी कंपनियों को दिया जा रहा है।"
कुछ ताकतें भारत को विभाजित करना चाहती है, लेकिन इंदिरा गांधी ने इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा, "आज उन्हीं ताकतों ने वैमनस्य पैदा किया है। हमें ऐसे प्रयासों के खिलाफ लड़ने की जरूरत है।"
चोडनकर ने कहा कि इंदिरा गांधी में जुझारूपन का जज्बा था, जिन्होंने चुनाव हारने के बाद पार्टी को खड़ा किया और कांग्रेस दोबारा सत्ता में आई। उन्होंने कहा, "हमें लोगों के मुद्दों को उठाने की जरूरत है।"
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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