
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में बालिकाओं के स्कूल छोड़ने से संबंधित एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि बीजेपी इन्हें सशक्त बनाने का सिर्फ दिखावा करती है।
Published: undefined
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को एक्स पर आंकड़ों को दर्शाने वाले एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, “महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के नाम पर बीजेपी सिर्फ पाखंड करती है। बीजेपी की सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय में 2007 में लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू की थी।“
कमलनाथ ने कहा, “बड़े पैमाने पर इस बात का शोर मचाया गया कि लाड़ली लक्ष्मियों को 1,00,000 रुपया दिए जाएंगे। लेकिन अब जो आंकड़े निकलकर सामने आ रहे हैं, उनसे पता चलता है कि जितनी बच्चियां लाड़ली लक्ष्मी योजना में पंजीकृत हुई थी, उनकी 20 प्रतिशत बच्चियों को ही एक लाख रुपया की आर्थिक सहायता मिल पाएगी।“
Published: undefined
उन्होंने कहा, “आंकड़े बताते हैं कि कक्षा 6वीं में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली बालिकाओं की कुल संख्या 13,67,897 है। लेकिन जब कक्षा 9वीं के आंकड़े देखते हैं, तो यह संख्या गिरकर 7,06,123 रह जाती है। यानी हाई स्कूल तक पहुंचते-पहुंचते करीब 48% बेटियां सिस्टम से बाहर हो जाती हैं। इसी तरह कक्षा 11वीं में केवल 2,72,443 और 12वीं में मात्र 1,56,378 बेटियां ही छात्रवृत्ति की पात्र बची हैं।“
कांग्रेस नेता ने कहा, “इससे स्पष्ट है कि बीजेपी सरकार ने बच्चियों को एक लाख रुपया देने के बारे में सिर्फ हवाबाजी की थी। न तो वे बच्चियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना चाहते हैं और न ही उन्हें लाड़ली लक्ष्मी के रूप में 1, लाख रुपये देना चाहते हैं।“
Published: undefined
कमलनाथ ने सरकार से छात्राओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के लाभ से वंचित करने वाले नियम को बदलने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चियों का ड्रॉपआउट रेट कम किया जाए। और सभी पंजीकृत बच्चियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined