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पाक का दोगलापन आया सामने, भारतीय सीमा में घुसने पर मिले जवाब के बाद बदले इमरान के सुर, कहा- बात से निकले हल

भारत द्वारा बुधवार को भारतीय वायु सीमा में घुसे पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के सुर बदल गए हैं। अब उन्होंने बातचीत की पेशकश करते हुए कहा है कि दोनों देशों में जंग हुई तो यह किसी के नियंत्रण में नहीं रहेगी।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान को भारत में घुसने पर मार गिराए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सुर बदल गए हैं। बुधवार दोपहर बाद इमरान खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बातचीत की पेशकश की है। उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भी बातचीत का प्रस्ताव दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव से पैदा हुई युद्ध की स्थिति का जिक्र करते हुए इमरान खान ने कहा कि जंग शुरू होने से पहले किसी को नहीं पता होता कि ये जंग किधर जाएगी। इमरान ने कहा कि “हम भारत के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर बैठकर चर्चा करने के लिए तैयार हैं और कोई भी मुद्दा हमें बातचीत के जरिए ही हल करने चाहिए।”

बता दें कि मंगलवार को भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद बुधवार को पाक वायु सेना के एक विमान ने भारतीय सीमा का उल्लंघन किया, जिसे हवा में मार गिराया गया। इस घटना का जिक्र करते हुए इमरान ने कहा कि हमने भारत पर वायुसेना की कार्रवाई इसलिए कि ताकि बता सकें कि हमें भी जवाब देना आता है। साथ ही इमरान ने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के दो विमानों को मार गिराया और पायलट उनके कब्जे में हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तानी विमानों के भारत में घुसने की पुष्टी करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने जो कदम उठाया था भारत ने उसका कड़ा जवाब दिया और उसके एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस कार्रवाई में भारत का एक मिग-21 विमान क्रैश हो गया है और उसका पायलट अभी लापता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय पायलट उनकी हिरासत में है, लेकिन अभी इसकी जांच की जा रही है।

वहीं इमरान खान ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद कब खत्म होगी, ये तय कर पाना किसी के हाथ में नहीं होता। उन्होंने कहा कि पहला विश्व युद्ध महीनों में खत्म होना था, लेकिन 6 साल लगे। उन्होंने अफगानिस्तान और वियतनाम का जिक्र करते हुए कहा कि क्या अमेरिका ने कभी सोचा था कि वे वहां इतने लंबे समय तक फंसे रहेंगे।

इमरान खान ने कहा कि इतिहास बताता है कि जंगों में किसी का आंकलन नहीं हो पाता। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “जो हथियार हमारे पास हैं और जो भारत के पास हैं, क्या उनका आंकलन नहीं करने की गलती की जा सकती है? क्या हमें नहीं सोचना चाहिए कि अगर जंग शुरू हुई तो फिर वह किधर जाएगी, क्योंकि तब वह न तो मेरे काबू में होगी और न ही नरेंद्र मोदी के नियंत्रण में होगी।

इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर भारत के साथ बातचीत की पेशकश दोहराई और कहा कि हमें आपस के मसले एक-दूसरे से बातचीत के जरिये ही हल करने चाहिए।

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Published: 27 Feb 2019, 5:20 PM IST