
‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर गुरुवार को राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र की मोदी सरकार पर कर्जमाफी और एमएसपी को लेकर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। किसानों ने मोदी सरकार से बैंकों का कर्ज माफ करने और एमएस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की, जिसमें फसलों का एमएसपी उनकी लागत का डेढ़ गुना करने की सिफारिश की गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार एमएसपी और अपनी अन्य नीतियों पर लोगों को गलत जानकारी दे रही है।
वाम दलों से जुड़े किसान संगठनों के नेतृत्व में हजारों किसानों ने महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, जम्मू, बिहार, त्रिपुरा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। त्रिपुरा में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार पर पुलिस ने वाटर कैनन के इस्तेमाल के साथ बल प्रयोग भी किया।
राजधानी दिल्ली में संसद मांर्ग पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी तादात में किसानों और पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्ला ने कहा, “पीएम मोदी सौ फीसदी झूठ बोल रहे हैं। बीजेपी खरीफ फसलों का एमएसपी 50 फीसदी बढ़ाने की बात कहकर किसानों को गुमराह कर रही है। यह गलत जानकारी है।”
मोल्ला ने कहा कि एमएसपी में वृद्धि सिर्फ किसानों के श्रम और खाद-बीज पर निवेश की लागत के आधार पर की गई है। वृद्धि सही मायने में महज 13 फीसदी है और प्रधानमंत्री अपना वादा निभाने में विफल रहे हैं। मोल्ला ने कहा कि देश के करीब 25 राज्यों के 400 जिलों में लगभग 20 लाख लोग नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किये गए झूठे वादे से बेहद खफा हैं। ऊपर से एमएसपी बढ़ाने के नाम पर सरकार के फरेब ने उनके गुस्से को और बढ़ा दिया है।
पूर्व सैनिक संयुक्त मोर्चा ने भी ‘वन रैंक वन पेंशन’ स्कीम लागू करने में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों के संगठन ने कहा कि देश में लगातार सैन्य बलों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। सेवानिवृत्त कर्नल आर डी शर्मा ने कहा, “बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद महज 100 दिन के भीतर वन रैंक वन पेंशन लागू करने का वादा किया गया था। मगर, अब हमारे मसलों को नजरंदाज किया जा रहा है और वन रैंक वन पेंश की परिभाषा ही बदल दी गई है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्होंने वादा पूरा कर दिया, लेकिन पूर्व सैनिक इतने संघर्षों के बाद भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
बता दें कि भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर भारतीय किसान सभा ने किसानों की समस्या को लेकर देश भर में ‘बीजेपी सरकार भारत छोड़ो’ के नारे के साथ विरोध प्रदर्शन और जेल भरो आंदलोन का आह्वान किया था।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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Published: 09 Aug 2018, 10:27 PM IST