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दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान, 'ब्रिक्स' को बताया एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने वाला मंच

दिल्ली रवाना होने से पहले ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि 'ब्रिक्स' अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। ब्रिक्स के पास सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाने की बड़ी क्षमता है।

दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान, 'ब्रिक्स' को बताया एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने वाला मंच
दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान, 'ब्रिक्स' को बताया एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने वाला मंच फोटोः IANS

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद पेजेश्कियान की यह पहली भारत यात्रा है। इससे पहले ईरान से रवाना होने से पहले उन्होंने 'ब्रिक्स' को एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने वाला मंच बताया। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ नए दंडात्मक आर्थिक कदम उठाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के अलावा भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और दोनों देशों के समग्र संबंधों को मजबूत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। ईरान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मोदी के साथ शुक्रवार शाम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

इससे पहले पेजेश्कियान ने नई दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों को अपनी आर्थिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिक्स का नया बैंक डॉलर पर देशों की निर्भरता कम करने और अमेरिका के वर्चस्व कायम करने के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था।’’

ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा पर रवाना होने से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने कहा है कि 'ब्रिक्स', जिसमें अब 21 सदस्य शामिल हैं, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने कहा कि ब्रिक्स के पास एकतरफावाद का मुकाबला करने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाने की बड़ी क्षमता है।

पेजेश्‍क‍ियन ने कहा क‍ि ब्रिक्स का मुख्य उद्देश्य एकतरफावाद का मुकाबला करना है। कोशिश यह है कि देश अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हुए आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय एकजुटता, टिकाऊ विकास, मजबूती और नवाचार पर आधारित है। उन्होंने कहा क‍ि हमारी कोशिश है कि देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आर्थिक और क्षेत्रीय विकास कर सकें तथा एकतरफावाद और बड़ी शक्तियों की अत्यधिक मांगों का सामना कर सकें।

समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, इस दौरे के दौरान पेजेश्‍क‍ियन ब्रिक्स नेताओं की मुख्य बैठक, ब्रिक्स आर्थिक फोरम और वैश्विक शासन में सभी की भागीदारी तथा बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर केंद्रित बैठक में शामिल होंगे और वहां संबोधन भी देंगे। इसके अलावा, उनकी भारत के प्रधानमंत्री, मलेशिया के प्रधानमंत्री, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और सम्मेलन में शामिल अन्य नेताओं एवं अधिकारियों के साथ भी मुलाकात होने की संभावना है।

भारत की मेजबानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं के क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिए जाने की संभावना है। नई दिल्ली का प्रयास है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्रिक्स एक प्रभावी मंच साबित हो।

नई दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों से जूझ रही है।

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