देश

देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राष्ट्रपति और पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी बधाई 

पूरे देश में सोमवार को जन्माष्टमी का त्यौहार पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार इस त्योहार को दो दिनों तक मनाया जा रहा है, कुछ हिस्सों में रविवार को इसे मनाया गया हालांकि अधिकतर हिस्सों में आज ही इसका जश्न मना रहे हैं।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया  देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम

मथुरा-वृन्दावन से लेकर पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। कृष्ण मंदिरों में रविवार आधी रात से भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु कतारों में लगकर लड्डू गोपाल के दर्शन कर रहे हैं और ‘हाथी घोड़ा पाल की, जय कन्हैया लाल की’ जयघोष के साथ दर्शन कर रहे हैं।

इस साल रविवार और सोमवार को गोकुलाष्टमी मनाया जा रहा है, क्योंकि पूजा का समय 2 सितंबर को रात 8:47 बजे से शुरू होगा और 3 सितंबर को शाम 7:20 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान, दिल्ली के यात्रियों को विभिन्न क्षेत्रों में ट्राफिक का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वाहनों को मंदिरों और जुलूस के मार्गों की ओर जाने वाली सड़कों पर बदल दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार को देखते हुए ट्राफिक के लिए एडवाइजरी की है।

जम्मू-कश्मीर में पुंछ में इस तरह मनाई जा रही है कृष्ण जन्माष्टमी।

मुंबई के दादर में दही हांडी का आयोजन किया गया। दादर के छबीलदास लेन की दही हांडी मध्य मुंबई की सबसे प्रसिद्ध है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू समेत कई बड़े नेताओं ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर देशवासियों को बधाई दी।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • बड़ी खबर LIVE: 'होर्मुज को पूरी तरह खोले ईरान', ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का बवाल

  • ,
  • जन्मदिन विशेष: राजेंद्र कुमार के बेटे, संजय दत्त के जीजा... फिर भी बॉलीवुड में क्यों नहीं टिक पाए कुमार गौरव?

  • ,
  • बड़ी खबर LIVE: मिजोरम में भारी बारिश का हाहाकार, नदी उफान पर, डूबे दर्जनों घर, 29 से ज्यादा जगहों पर भीषण भूस्खलन!

  • ,
  • राम मंदिर चंदा घोटाले पर मौन हैं योगी, यूपी में 2027 में बीजेपी की ऐतिहासिक हार होगी: अवधेश प्रसाद

  • ,
  • राम मंदिर चंदा चोरीः जांच के बीच आधे से अधिक गणनाकर्मियों ने दिया इस्तीफा, जांच का खौफ या कोई और दबाव?