
आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा समुदाय के खिलाफ ‘‘द्वेष’’ रखने और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर उन्हें परोक्ष समर्थन देने का आरोप लगाया।
जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन शुरू करने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए जरांगे ने जाति सत्यापन समिति को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मराठा आरक्षण के सभी लंबित मुद्दों को हल नहीं करती है तो वे मुंबई में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस मराठा समुदाय के खिलाफ द्वेष रखते हैं और एकनाथ शिंदे सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के माध्यम से उन्हें परोक्ष समर्थन दे रहे हैं। यदि वे हमारे मुद्दों का समाधान नहीं करते हैं, तो हम वर्षा बंगले (मुख्यमंत्री आवास) जाएंगे। यदि सरकार की टीम बात करने आती है, तो हम उनसे बात करेंगे। लेकिन यह मेरा अंतिम आंदोलन है... जब तक सभी मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, मैं नहीं उठूंगा।’’
जरांगे पात्र मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता देने की मांग को लेकर कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। कुनबी एक कृषि आधारित समुदाय है जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।
ओबीसी श्रेणी के तहत मराठा आरक्षण की मांग को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अगस्त-सितंबर 2023 से अब तक नौ बार भूख हड़ताल की है। आरक्षण कार्यकर्ता ने सरकारी तंत्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राज्य सरकार नहीं चाहती कि मराठा युवा आगे बढ़ें।
कार्यकर्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य मराठा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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