
अगले साल से देश के सभी शहरों के बैंक एटीएम में रात 9 बजे के बाद कैश नहीं डाला जाएगा। वहीं, ग्रामीण इलाकों में मौजूद बैंक एटीएम में शाम 6 बजे तक ही कैश डाला जा सकेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों के एटीएम में शाम 4 बजे तक ही नकदी डाली जा सकेगी। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी बैंकों को नये निर्देश जारी किये हैं। गृह मंत्रालय ने कहा है कि नई मानक परिचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) 8 फरवरी, 2019 से लागू होंगी। नये निर्देशों के तहत नकदी ले जाने वाले प्रत्येक वाहन के साथ दो हथियारबंद गार्ड होंगे। नकदी का परिचालन करने वाली निजी एजेंसियां भोजनावकाश से पहले ही बैंकों से नकदी संग्रह करेंगी और वे इन पैसों का परिवहन बख्तरबंद वाहनों में ही कर सकेंगी। इन एजेंसियों को इस कार्य के लिए आवश्यक संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारी रखने जरूरी होंगे।
गृह मंत्रालय के अनुसार कैश वैन, कैश वॉल्ट और एटीएम धोखाधड़ी और दूसरे आंतरिक धोखाधड़ी के मामले बढ़ने के मद्देनजर यह कदम उठाया जा रहा है। देश भर में निजी क्षेत्र की करीब 8,000 कैश वैन नकदी ढोने के काम में लगी हैं। इन कैश वैन के जरिये रोजाना करीब 15,000 करोड़ रुपए की नकदी का परिवहन किया जाता है।
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कई बार ये देखने को मिला है कि निजी एजेंसियां पूरी रात नकदी अपने कैश वॉल्ट में रखती हैं। इससे लूटपाट का खतरा बढ़ जाता है। इन सभी खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एटीएम में कैश डालने को लेकर नये निर्देश जारी किये हैं। गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कैश वैन में एक ड्राइवर के साथ दो सुरक्षा गार्ड, दो एटीएम अधिकारी का होना जरूरी होगा। एक हथियारबंद गार्ड को ड्राइवर के साथ आगे की सीट पर बैठना होगा, जबकि दूसरा गार्ड पिछली सीट पर बैठेगा। नकदी डालने या निकालने के दौरान या चाय और भोजनावकाश जैसे समय में कम से कम एक हथियार बंद गार्ड को हमेशा कैश वैन के साथ रहना होगा।
निर्देशों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति के लिए भी निर्देश दिये गए हैं। सुरक्षा गार्ड के लिए पूर्व सैन्यकर्मियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सभी कैश वैन में जीपीएस युक्त होना चाहिए। साथ ही कोई भी कैश वैन एक बार में 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी लेकर नहीं चलेगा। निजी एजेंसियां नकदी परिवहन के लिए किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति पूरी पुलिस जांच और के बिना नहीं कर सकती है।
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