
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों का आह्वान किया कि वे नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा खड़ी की गई कथित चुनौतियों से निपटने के लिए उस एकजुटता की भावना को और मजबूत करें, जो इस साल 17 अप्रैल को महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ दिखी थी।
उन्होंने विपक्षी गठबंधन की बैठक में दिए अपने शुरुआती संबोधन में यह दावा भी किया कि सरकार संविधान पर हमला जारी रखे हुए है।
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खड़गे ने कहा, "यह गठबंधन ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर परिसीमन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को परास्त किया।"
उनका कहना था, "अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।"
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खड़गे ने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है, जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है।
खड़गे ने कहा , "गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है।"
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कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है और समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर बीजेपी शासित राज्यों में, लगातार जारी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनका भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।"
पीटीआई के इनपुट के साथ
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