
कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लोकसभा में उस प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों को अधिक समय देने की मांग की थी, जो तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जी. वी. मावलंकर को हटाने के लिए लाया गया था।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जिस संसद को नेहरू ने बैठकर, बोलकर, सुनकर और समायोजन करते हुए गढ़ा था, वह आज अपने पुराने स्वरूप की केवल एक फीकी परछाईं बनकर रह गई है।
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जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “18 दिसंबर 1954 की दोपहर लोकसभा में विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। बहस की शुरुआत में उपाध्यक्ष ने कहा कि सदन अब इस प्रस्ताव पर विचार करेगा। इस पर जवाहरलाल नेहरू ने कहा- ‘महोदय, क्या मैं सदन के समक्ष एक निवेदन रख सकता हूं? आपने इस चर्चा के लिए दो घंटे निर्धारित किए हैं।’”
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि तत्कालीन उपाध्यक्ष ने कहा था कि चर्चा का समय अपराह्न तीन बजकर 30 मिनट से शाम पांच बजकर 30 मिनट तक तय किया गया है।
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रमेश के अनुसार, नेहरू ने कहा था, “सामान्यतः आप समय का कुछ अनुपात तय करते हैं, लेकिन मैं यह निवेदन करना चाहूंगा कि इस विशेष मामले में विपक्ष को सरकार की बेंचों की तुलना में अधिक समय दिया जाना चाहिए। हम अधिक समय लेने की इच्छा नहीं रखते और मुझे उम्मीद है कि इस पक्ष के माननीय सदस्य भी अपने भाषणों में सदन का बहुत अधिक समय नहीं लेंगे। स्वाभाविक है कि हमें कुछ कहना होगा, जो हम कहेंगे। लेकिन मैं आपके विचारार्थ यह सुझाव रखना चाहता हूँ कि विपक्ष को अधिक समय दिया जाए।’’
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कांग्रेस नेता ने कहा कि पहली लोकसभा में कांग्रेस के पास कुल 489 में से 364 सीट थीं और यह उस समय के प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण था, जब विपक्ष में कोई जाना-पहचाना नेता भी नहीं था।
रमेश ने कहा, “जिस संसद को नेहरू ने दिन-प्रतिदिन बैठकर, बोलकर, सुनकर और समायोजन करते हुए गढ़ा, वह आज अपने पुराने स्वरूप की एक फीकी परछाई मात्र रह गई है।”
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कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का नोटिस देने पर विचार कर रहा है।
विपक्ष का आरोप है कि बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं दी, और आठ सांसदों को निलंबित भी किया।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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