
पाकिस्तान की ओर से 29 जून की रात अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में की गई एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अफगान सेना ने 30 जून की देर रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एयरस्ट्राइक की। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों का निशाना इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) और उससे जुड़े नेटवर्क के ठिकाने थे, जबकि पाकिस्तान ने इन दावों पर अलग तस्वीर पेश की है।
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बलूचिस्तान के पिशनी जिले के सरनान बाजार इलाके में जिस इमारत पर ड्रोन स्ट्राइक की गई, वह ISKP और 'उपद्रवी एवं भ्रष्ट' नेटवर्क का संयुक्त कैंप था। मंत्रालय ने दावा किया कि कार्रवाई पूरी तरह सटीक थी और किसी भी नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया।
वहीं, पाकिस्तान से सामने आई रिपोर्ट में कहा गया कि जिस इमारत पर हमला हुआ, वह वास्तव में एक स्कूल था, जहां अफगान सेना के पूर्व सैनिक रह रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में तीन पूर्व सैनिक घायल हुए हैं। बताया गया कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद ये सैनिक अहमद मसूद जूनियर की नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) में शामिल हो गए थे और पाकिस्तान ने उन्हें 2023 में शरण और कैंप उपलब्ध कराए थे।
अफगानिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) और इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) मिलकर अफगान तालिबान के खिलाफ लड़ रहे हैं। अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने दोनों संगठनों की संयुक्त ब्रिगेड तैयार की है।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल में मौजूद ISKP के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि इन दोनों स्थानों पर हमले सफल रहे या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर पेशावर के पास हसन खेल इलाके में एक मकान पर ड्रोन गिरने की घटना सामने आई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज पेशावर के अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार हसन खेल में ड्रोन सीधे हमले का हिस्सा नहीं था, बल्कि एयर डिफेंस इंटरसेप्ट के दौरान ड्रोन और इंटरसेप्टर मिसाइल का मलबा रिहायशी मकान पर गिर गया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ। इसी तरह बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में भी रात के दौरान एक मकान पर ड्रोन गिरा, लेकिन इस घटना की जिम्मेदारी अफगान रक्षा मंत्रालय ने नहीं ली है और इसमें किसी के हताहत होने की सूचना भी नहीं है।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि सभी हमले पूरी सटीकता के साथ किए गए और नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया। वहीं पाकिस्तान की ओर से कुछ हमलों को लेकर अलग दावे किए गए हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि 30 जून की रात हुए इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई यहीं थमती है या फिर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव आगे और बढ़ता है।
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