
यूक्रेन की तरफ से रूस पर 1,000 से अधिक ड्रोन से हमला किए जाने के एक दिन बाद रूस ने सोमवार को दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर को ड्रोन से निशाना बनाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रविवार देर रात जापोरिज्जिया में हुए रूसी हमले में इमारतों, एक विश्वविद्यालय और एक शॉपिंग मॉल समेत कई स्थानों को नुकसान पहुंचा तथा पांच लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन के नौ अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाया।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने रातभर यूक्रेन में रसद केंद्रों, गोदामों और बंदरगाहों समेत अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर रूस के विभिन्न क्षेत्रों और काला सागर के जल क्षेत्र में 244 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए।
वहीं, यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि उसने रातभर हुए हमले में 148 रूसी ड्रोन को मार गिराया या निष्क्रिय कर दिया।
इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए वैश्विक नेताओं के न्यूयॉर्क में इकट्ठा होने के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें वार्षिक महासभा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की उम्मीद है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के महासभा अधिवेशन में शामिल होने की संभावना नहीं है।
हूती ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने ताइज के हैफन जिले पर हवाई हमला किया है। हूती संचालित अल-मसीरा टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने ये कार्रवाई की।
ये हवाई हमले पश्चिमी यमन में जमीनी स्तर पर हूती विद्रोहियों के तेजी से आगे बढ़ने के बाद हुए हैं; इस दौरान समूह ने यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से सटे इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि महीने की शुरुआत से यमन में जारी संघर्ष के कारण 1,25,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
अल-मसीरा ने सरकारी सूत्र के हवाले से दावा किया है कि अल-जाहिर गांवों और हैदान के कुछ हिस्सों पर सऊदी हमला जारी है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 घंटों में इन इलाकों पर 135 से ज्यादा मिसाइलें और गोले दागे गए हैं।
इसी तरह सीमावर्ती जिलों राजिह और शादा पर सऊदी तोपखाने से हमले की भी खबर है। वहीं यमन के हूती का कहना है कि रात भर सहर जिले पर भी गोलाबारी की गई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सादा प्रांत के कई इलाकों में सऊदी हमले बढ़ गए हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों व गांवों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
हूती का आरोप है कि सऊदी अरब ने उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) किए हैं, जिसमें वॉच टॉवर और दूरसंचार (टेलीकम्युनिकेशन) टावर तबाह हो गए हैं।
पिछले कुछ दिनों में हूती रियाद के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखी है। हूती इसे जवाबी कार्रवाई बताता रहा है। हूती विद्रोहियों ने पिछले दिनों सऊदी अरब की राजधानी स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास और यानबू स्थित अरामको की रिफाइनरी को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया।
तो सऊदी गठबंधन ने मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट करने की पुष्टि की है। हूती इससे पहले यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब के एक एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का भी दावा करते हुए एक वीडियो जारी कर चुका है, हालांकि सऊदी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
बांग्लादेश में एक और हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। चोर अपने साथ मां काली की मूर्ति, जेवरात और वस्तुएं भी ले उड़े। मामला फरीदपुर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर का बताया जा रहा है। सोमवार को पुलिस के हवाले से स्थानीय मीडिया ने खबर प्रकाशित की।
मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, चोरी शनिवार रात करीब 10:30 बजे से रविवार सुबह 5:45 बजे के बीच हुई।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, चोरी की गई कीमती चीजों में देवी काली की मूर्ति, उन्हें सजाने वाले लगभग 7-8 तोले सोने के गहने, भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण और मनसा की पीतल की छोटी मूर्तियां, और शिवलिंग के चारों ओर लिपटा हुआ लगभग 8-10 तोले वजन का चांदी का सांप शामिल थे।
मंदिर के पुजारी देबी प्रसाद चक्रवर्ती के अनुसार, मां काली की मूर्ति शिव की सफेद संगमरमर की मूर्ति पर रखी हुई थी।
उन्होंने कहा, "शिव की सफेद संगमरमर की मूर्ति वहीं छोड़ दी गई, जबकि अज्ञात चोर या चोरों ने काली की मूर्ति चुरा ली।" उन्होंने आगे बताया कि चोरी किए गए सभी सामानों का कुल वजन लगभग 40 किलोग्राम था, जिसमें अकेले काली की मूर्ति का वजन कम से कम 20 किलोग्राम था।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुशल चक्रवर्ती ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और चोरी का सामान अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, घटना की पुष्टि करते हुए प्रभारी अधिकारी महमूदुल हसन ने कहा, "कई पुलिस टीमें चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहले ही काम शुरू कर चुकी हैं।"
इस ताजा घटना ने पूरे बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों में चिंताजनक वृद्धि को उजागर किया है। यह सिलसिला पूर्व में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुआ था और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रशासन के तहत भी जारी है।
इस महीने की शुरुआत में, 2001 से 2006 तक बीएनपी-जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के पांच साल के शासन को याद करते हुए, अवामी लीग ने आरोप लगाया कि उस दौरान देश भर में अल्पसंख्यक समुदायों पर जो अत्याचार हुए थे, वे अब 2026 में फिर से देखे जा रहे हैं।
पार्टी ने कहा, "मंदिरों पर हमले, घरों में आग लगाना, जमीन पर कब्जा करना, महिलाओं के साथ क्रूर यौन हिंसा और अनगिनत हिंदुओं को बांग्लादेश छोड़ने के लिए मजबूर करना—वही तस्वीर आज 2026 में हमारी आंखों के सामने फिर से उभर रही है।"
एक अलग बयान में, अवामी लीग ने यह भी कहा कि अगस्त 2024 से पूरे बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को बड़े पैमाने पर भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है, जिसमें नौकरी से निकालना, प्रमोशन न देना, सरकारी नौकरी पर प्रतिबंध और घरों, जमीन व व्यवसायों पर कब्जा शामिल है।
यूक्रेन पर रूस के हमले लगातार जारी हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रविवार शाम को रूस ने हमारे दस क्षेत्रों पर हमले शुरू किए। यह हमले रात भर जारी रहे। इन हमलों में आम लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। खार्कीव में ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रविवार शाम को जापोरिज्जिया पर रूस ने बेहद भीषण और निशाना बनाकर गोलाबारी शुरू की। इसमें नौ मंजिला रिहायशी इमारतों, एक यूनिवर्सिटी की इमारत, एक शॉपिंग सेंटर और एक बॉयलर हाउस को नुकसान पहुंचा है।''
जेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों में अब तक पांच लोगों के घायल होने की जानकारी है और कुछ लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। खार्कीव क्षेत्र के लोजोवा में ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई। मैं उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना जताता हूं। इस हमले में तीन और लोग घायल हुए हैं। कुल मिलाकर, शाम से लेकर रात भर में रूस ने हमारे दस क्षेत्रों पर हमले किए।
उन्होंने बताया कि रूस तनाव बढ़ाने वाले अपने कदम कम नहीं कर रहा है और लगातार ऐसे संकेत दे रहा है कि वह युद्ध को और बढ़ाने के लिए तैयार है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब इस युद्ध की वजह से दुनिया की स्थिरता पहले ही बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि इस युद्ध को खत्म कराने के लिए हमें हमलावर देश पर दबाव बनाए रखना होगा। लंबे समय के बैन ऐसे दबाव हैं जो सच में काम करते हैं, दुनिया भी इसका असर महसूस कर रही है। इसके साथ-साथ कूटनीति के जरिए भी कोशिशें जारी रहनी चाहिए।
जेलेंस्की ने कहा संयुक्त राष्ट्र महासभा में हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि मिल-जुलकर कोशिशों के जरिए शांति कैसे हासिल की जा सकती है। यही सबसे अहम काम है, जिस पर सभी नेताओं को ध्यान देना चाहिए।
जापान की सोमवार को शक्तिशाली तूफान 'डुजुआन' का अलर्ट जारी किया गया। जापान की मौसम एजेंसी ने बताया एक बड़ा और शक्तिशाली तूफान 'डुजुआन' देश के पूर्वी प्रशांत तट की ओर बढ़ रहा है। इसकी वजह से भारी बारिश, तेज हवाएं, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है।
स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10 बजे, तूफान 'डुजुआन' टोक्यो के पास इजू द्वीप समूह के हाचिजो द्वीप से करीब 100 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में था। यह करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा था।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) के मुताबिक, तूफान के केंद्र में वायुमंडलीय दबाव 960 हेक्टोपास्कल था और इसके साथ हवा के झोंकों की अधिकतम रफ्तार 198 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी।
यह इस साल जापान के आसपास बनने वाला 25वां तूफान है। इसके सोमवार शाम से देर रात के बीच टोक्यो के पूर्व में स्थित चिबा प्रीफेक्चर के बोसो प्रायद्वीप के पास से गुजरने की संभावना है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सोमवार सुबह तक पूर्वी जापान के कांटो-कोशिन और मध्य जापान के तोकाई इलाके में भारी बारिश शुरू हो चुकी थी।
चिबा के कई शहरों में सड़कों पर पानी भरने की खबरें मिली हैं। जेएमए ने प्रीफेक्चर के कुछ हिस्सों के लिए लेवल-4 भूस्खलन अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम एजेंसी ने मंगलवार सुबह 6 बजे तक के 24 घंटों में तोकाई इलाके में 350 मिलीमीटर तक, कांतो और इजू द्वीप समूह में 300 मिलीमीटर तक और उत्तर-पूर्वी जापान के तोहोकू इलाके में 200 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान लगाया है।
तूफान ऐसे समय जापान के करीब पहुंच रहा है, जब देश में पांच दिनों की छुट्टियों का दौर चल रहा है। लोगों से कहा गया है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें और जरूरी सावधानी बरतें। बहुत खराब मौसम होने की स्थिति में लोगों को अपनी यात्रा या दूसरी योजनाओं का समय बदलने पर भी विचार करने की सलाह दी गई है।
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